Anant Singh News: मोकामा विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत, जेल से बाहर आने का रास्ता साफ़? कोर्ट ने दिया यह अहम आदेश
मोकामा के बाहुबली विधायक और जेडीयू (JD(U)) नेता अनंत सिंह (Anant Singh) को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dularchand Yadav Murder Case) में बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह के सिर पर मंडरा रहा विधायकी जाने का खतरा अब टल गया है। एमपी-एमएलए कोर्ट (MP/MLA Court) ने उन्हें मंगलवार (कल) विधानसभा जाकर विधायक पद की शपथ लेने की अनुमति दे दी है।

क्या है कोर्ट का पूरा फैसला?
पटना सिविल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत ने सोमवार (2 फरवरी) को यह फैसला सुनाया।
- अनंत सिंह ने अदालत में अर्जी दाखिल कर शपथ ग्रहण के लिए अनुमति मांगी थी।
- कोर्ट ने उन्हें कस्टडी पैरोल (Custody Parole) दी है। यानी, वे पुलिस कस्टडी में ही विधानसभा जाएंगे और शपथ लेने के तुरंत बाद उन्हें वापस बेऊर जेल लाया जाएगा।
- इससे पहले उनकी नियमित जमानत याचिका (Regular Bail) खारिज हो चुकी थी, जिससे उनकी सदस्यता पर सस्पेंस बना हुआ था।
Dularchand Yadav Murder Case: क्यों जेल में हैं ‘छोटे सरकार’?
यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है।
- घटना: अक्टूबर 2025 में चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा में जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक और वरिष्ठ नेता दुलारचंद यादव (75 वर्ष) की हत्या कर दी गई थी।
- आरोप: आरोप है कि अनंत सिंह के काफिले और विरोधी गुट के बीच झड़प हुई, जिसमें दुलारचंद यादव को गोली मारी गई और फिर गाड़ी से कुचल दिया गया।
- गिरफ्तारी: इस मामले में अनंत सिंह को मुख्य साजिशकर्ता मानते हुए 2 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
जेल में रहकर जीता चुनाव
अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा सीट से चुनाव लड़ा और आरजेडी (RJD) की वीणा देवी को करीब 28,000 वोटों से हराया। लेकिन जीत के महीनों बाद भी वे शपथ नहीं ले पाए थे। नियम के मुताबिक, अगर कोई विधायक एक तय समयसीमा के भीतर शपथ नहीं लेता, तो उसकी सदस्यता रद्द हो सकती है। कोर्ट के आज के फैसले ने उनकी कुर्सी बचा ली है।
कल विधानसभा में दिखेगी गहमागहमी
मंगलवार को जब अनंत सिंह विधानसभा पहुंचेंगे, तो सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे। उनके समर्थकों में इस फैसले के बाद खुशी की लहर है, हालांकि उन्हें अभी जेल से परमानेंट रिहाई नहीं मिली है।
कोर्ट का यह फैसला अनंत सिंह के लिए ‘संजीवनी’ जैसा है। भले ही वे अभी मर्डर केस में जेल में रहेंगे, लेकिन आधिकारिक तौर पर अब वे बिहार विधानसभा के सदस्य बन जाएंगे।


