IND vs ENG U19 Final: भारत ने रचा इतिहास! वैभव सूर्यवंशी के 175 रनों के तूफान में उड़ा इंग्लैंड, छठी बार जीता वर्ल्ड कप
क्रिकेट के मैदान से आज भारत के लिए सबसे बड़ी खबर आई है! भारतीय अंडर-19 टीम ने इतिहास रचते हुए छठी बार (6th Title) वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से करारी शिकस्त दी।

इस जीत के हीरो रहे बिहार के 14 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi), जिनकी बल्लेबाजी ने अंग्रेजों के होश उड़ा दिए।
1. वैभव सूर्यवंशी का ‘तूफान’: 80 गेंदों में 175 रन
आज का दिन क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के लिए वैभव सूर्यवंशी “काल” बनकर आए। उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली।
- 15 गगनचुंबी छक्के: वैभव ने अपनी पारी में 15 छक्के और 15 चौके लगाए।
- सबसे तेज शतक: उन्होंने फाइनल जैसे बड़े मंच पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। यह U19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
2. भारत ने बनाया 411 रनों का पहाड़
वैभव की ऐतिहासिक पारी और कप्तान आयुष म्हात्रे (Ayush Mhatre) के शानदार 53 रनों की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 411/9 का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह किसी भी U19 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर है। इंग्लैंड के गेंदबाजों के पास भारतीय बल्लेबाजों का कोई जवाब नहीं था।
3. इंग्लैंड की कोशिश और भारत की गेंदबाजी
412 रनों का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम दबाव में दिखी। हालांकि, इंग्लैंड के केलेब फाल्कनर (Caleb Falconer) ने शानदार शतक (115 रन) लगाकर एक उम्मीद जगाई, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा कसे रखा।
- इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रनों पर ढेर हो गई।
- भारत की तरफ से कनिष्क चौहान और आर.एस. अमरीश ने सटीक गेंदबाजी की और इंग्लैंड को टिकने का मौका नहीं दिया।
4. छठी बार सिर पर सजा ताज
इस जीत के साथ ही भारत ने अपना दबदबा कायम रखा है। 2000, 2008, 2012, 2018, 2022 और अब 2026—भारत अंडर-19 क्रिकेट का बेताज बादशाह है।
सोशल मीडिया पर जश्न: जैसे ही भारत ने इंग्लैंड का आखिरी विकेट गिराया, पूरा सोशल मीडिया #BleedBlue और #VaibhavSuryavanshi के हैशटैग से भर गया। फैंस इसे भारतीय क्रिकेट के “गोल्डन एरा” की शुरुआत बता रहे हैं।



