बिहार का एक और घूसखोर BDO गिरफ्तार, भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई
नगर प्रखंड का घूसखोर बीडीओ राकेश कुमार का ‘The End’! गया में प्रमुख ने ही 50 हजार लेते पकड़वाया, टेबल के नीचे से चल रहा था खेल, निगरानी ने रंगे हाथों दबोचा।

गया, बिहार: बिहार के गया जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी विभाग (Vigilance Department) की टीम ने नगर प्रखंड के बीडीओ (BDO) राकेश कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
यह गिरफ्तारी सोमवार की शाम को हुई और खास बात यह है कि BDO को रिश्वत लेते हुए पकड़वाने वाली कोई और नहीं, बल्कि नगर प्रखंड की प्रमुख सुचिता रंजनी हैं।
भुगतान के एवज में बना रहे थे दबाव
निगरानी विभाग के अनुसार, नगर प्रखण्ड प्रमुख सुचिता रंजनी ने ब्यूरो कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 15वें वित्त आयोग के तहत स्कूल की चारदीवारी व अन्य विकास कार्यों के पूर्ण होने के बाद ‘लेबर मद’ में 3,50,000 रुपये की राशि बकाया थी।
बीडीओ राकेश कुमार इस सरकारी भुगतान को क्लियर करने के एवज में कमीशन (रिश्वत) की मांग कर रहे थे। सौदा 1 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसकी पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देते समय विजिलेंस टीम ने उन्हें दबोच लिया।
ऐसे बिछाया गया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान होकर प्रमुख सुचिता रंजनी ने इसकी सूचना निगरानी विभाग को दे दी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद निगरानी विभाग ने एक टीम गठित की।
योजना के मुताबिक, सोमवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच जैसे ही प्रखंड प्रमुख के कार्यालय कक्ष में बीडीओ राकेश कुमार ने रिश्वत के 50 हजार रुपये लिए, पहले से घात लगाए निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम बीडीओ को अपने साथ ले गई और उनके कार्यालय व आवास पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
निगरानी डीएसपी सत्येंद्र राय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। प्रमुख सुचिता रंजनी ने बताया कि बीडीओ का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध रहा था, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
2026 में निगरानी की ताबड़तोड़ कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त BDO से पूछताछ जारी है। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें पटना स्थित निगरानी के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। निगरानी ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 16वीं एफआईआर है।
ब्यूरो इस साल अब तक 14 ‘ट्रैप’ केस को अंजाम दे चुका है, जिसमें कुल 11 अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा गया है और मौके से 7,15,000 रुपये की नकद रिश्वत राशि बरामद की गई है।



