सावधान: बिना OTP बताए खाते से उड़ गए 38 लाख! जामताड़ा गैंग का नया हथियार बना ‘SIM Port’ फ्रॉड
साइबर ठगी की दुनिया में कुख्यात ‘जामताड़ा गैंग’ ने अब लूट का एक ऐसा तरीका खोज निकाला है, जिसमें न तो आपसे OTP माँगा जाता है और न ही कोई लिंक क्लिक करवाया जाता है। एक ताज़ा और चौंकाने वाले मामले में, साइबर अपराधियों ने एक व्यवसायी के मोबाइल का नेटवर्क गायब कर उसके बैंक खाते से 38 लाख रुपये साफ कर दिए।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगों ने पीड़ित के सिम कार्ड को ‘पोर्ट’ (SIM Port/Swap) कराकर इस वारदात को अंजाम दिया।
क्या है पूरा मामला?
घटना के मुताबिक, पीड़ित के मोबाइल पर कुछ अज्ञात नंबरों से लगातार मिस्ड कॉल (Missed Calls) आ रहे थे। उन्होंने इसे सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया। कुछ ही देर बाद, उनके फोन से नेटवर्क पूरी तरह गायब हो गया। उन्हें लगा कि यह मोबाइल नेटवर्क की कोई तकनीकी खराबी है।
लेकिन असली खेल इसी दौरान हो रहा था। जब तक वे कुछ समझ पाते, उनके बैंक खाते से एक के बाद एक कई ट्रांजेक्शन हुए और कुल 38 लाख रुपये निकाल लिए गए। हैरान करने वाली बात यह थी कि पीड़ित के पास न तो कोई OTP आया और न ही बैंक का कोई अलर्ट मैसेज, क्योंकि उनका सिम कार्ड तो पहले ही बंद हो चुका था।
कैसे बिना OTP के हुई ठगी? (Modus Operandi)
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जामताड़ा के ठग अब ‘सिम स्वैप’ (SIM Swap) या ‘सिम पोर्ट’ तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह ठगी कुछ चरणों में होती है:
- जानकारी जुटाना: ठग सबसे पहले फिशिंग ईमेल या सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित का नाम, मोबाइल नंबर और आधार जैसी बेसिक जानकारी निकालते हैं।
- फर्जी ID और सिम पोर्ट: इसके बाद वे एक फर्जी आईडी बनाकर मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क करते हैं और दावा करते हैं कि उनका (पीड़ित का) सिम खो गया है या खराब हो गया है। वे उसी नंबर का नया सिम जारी करने या उसे दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट करने की रिक्वेस्ट डालते हैं।
- नेटवर्क गायब: जैसे ही नई सिम एक्टिवेट होती है, पीड़ित के फोन में मौजूद असली सिम कार्ड का नेटवर्क बंद हो जाता है। इसे ‘Golden Hour’ कहा जाता है, जिसका फायदा ठग उठाते हैं।
- OTP का खेल: अब चूंकि पीड़ित का सिम बंद है और ठग के पास उसी नंबर की नई सिम है, तो बैंक से आने वाले सारे OTP (One Time Password) सीधे ठग के पास पहुँचते हैं।
- खाता खाली: ठग आसानी से पासवर्ड रिसेट करते हैं और मिनटों में पूरा पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते हैं।
पुलिस की चेतावनी: ‘नेटवर्क जाना सामान्य न समझें’
साइबर सेल के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर आपके फोन का नेटवर्क अचानक गायब हो जाए और लंबे समय तक न आए, तो इसे हल्के में न लें। यह सिम स्वैप फ्रॉड का संकेत हो सकता है।
जांच अधिकारियों का कहना है, “जामताड़ा के ठग अब सिर्फ कॉल करके लॉटरी का झांसा नहीं दे रहे, बल्कि वे तकनीकी रूप से ज्यादा शातिर हो गए हैं। सिम पोर्ट फ्रॉड में पीड़ित को पता ही नहीं चलता कि उसके नाम पर कोई और सिम इस्तेमाल कर रहा है।”
बचाव के लिए क्या करें? (Safety Tips)
अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- नेटवर्क जाने पर तुरंत एक्शन लें: अगर फोन में सिग्नल नहीं आ रहे, तो दूसरे फोन से तुरंत कस्टमर केयर को कॉल करें और पता करें कि कहीं आपकी सिम पोर्ट या रिप्लेस तो नहीं की गई है।
- बैंक को अलर्ट करें: अगर सिम बंद होने का शक हो, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर खाते को फ्रीज (Freeze) कराएं।
- मिस्ड कॉल्स से सावधान: अगर आपको लगातार अनजान नंबरों से मिस्ड कॉल आ रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। कभी-कभी ठग ऐसा इसलिए करते हैं ताकि आप फोन को साइलेंट कर दें या नेटवर्क जाने पर ध्यान न दें।
- SMS अलर्ट चेक करते रहें: सिम पोर्टिंग की रिक्वेस्ट डालने पर एक अलर्ट SMS आता है। अगर आपने ऐसी कोई रिक्वेस्ट नहीं दी है, तो तुरंत सर्विस प्रोवाइडर को सूचित कर इसे रुकवाएं।
- SIM कार्ड लॉक: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर सिम कार्ड पर पिन (SIM PIN) लगा कर रखें, ताकि कोई आसानी से उसका दुरुपयोग न कर सके।
38 लाख की यह ठगी हम सभी के लिए एक सबक है। डिजिटल दुनिया में हमारी थोड़ी सी लापरवाही हमें बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।



