बैंक खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! मिनिमम बैलेंस और पेनल्टी पर नए नियम लागू, अब जीरो बैलेंस पर भी मिलेगा ब्याज
बैंक खाताधारकों के लिए 2026 में लागू हुए नए नियम। जानिए मिनिमम बैलेंस, पेनल्टी चार्ज और जीरो बैलेंस खातों पर ब्याज से जुड़े बड़े बदलाव। अब ATM और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर मिलेगी ज्यादा छूट। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही भारतीय बैंकिंग व्यवस्था में आम आदमी को बड़ी राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों ने बैंक ग्राहकों, विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। अगर आप भी बैंक के भारी-भरकम पेनल्टी चार्ज और मिनिमम बैलेंस की झंझट से परेशान थे, तो ये नए नियम आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं।
मिनिमम बैलेंस की सीमा में बड़ा बदलाव नए नियमों के मुताबिक, अब बैंकों को मिनिमम बैलेंस (Minimum Balance) की सीमा को लचीला रखने की छूट दी गई है। अब यह सीमा खाते के प्रकार और बैंक की नीतियों के आधार पर 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये के बीच निर्धारित की जा सकेगी। इससे उन करोड़ों ग्राहकों को राहत मिलेगी, जो पहले 3000 से 5000 रुपये तक का मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने के दबाव में रहते थे।
पेनल्टी चार्ज पर लगी लगाम सबसे बड़ी राहत पेनल्टी चार्ज (Penalty Charges) में दी गई है। पहले जहां मिनिमम बैलेंस न होने पर बैंक भारी जुर्माना वसूलते थे, वहीं अब नए नियमों ने इस पर अंकुश लगा दिया है। अब यदि किसी खाते में लगातार तीन महीने तक निर्धारित राशि कम रहती है, तो बैंक केवल 50 से 200 रुपये के बीच ही शुल्क काट सकेंगे। अब तिमाही औसत बैलेंस (Quarterly Average Balance) के आधार पर गणना होगी, जो ग्राहकों की जेब पर कम बोझ डालेगा।
जीरो बैलेंस खाते पर भी अब मिलेगा ब्याज बैंकिंग इतिहास में यह एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। अब तक ‘जीरो बैलेंस’ या ‘जन-धन खातों’ पर ब्याज मिलने का प्रावधान न के बराबर था, लेकिन अब इन खातों में जमा छोटी राशि पर भी न्यूनतम 3.5% वार्षिक ब्याज की गारंटी दी गई है। यह कदम देश के ग्रामीण क्षेत्रों और छोटी बचत करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है।
ATM और डिजिटल ट्रांजैक्शन हुए आसान नए नियमों के तहत डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए UPI और नेट बैंकिंग को पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। वहीं, ATM ट्रांजैक्शन की सीमा में भी बदलाव किया गया है:
- महानगर: प्रति माह 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन।
- ग्रामीण/गैर-महानगर: प्रति माह 7 मुफ्त ट्रांजैक्शन। मुफ्त सीमा समाप्त होने पर अब अधिकतम 18 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन और बैलेंस चेक करने पर 8 रुपये का चार्ज लगेगा, जो पहले की तुलना में तर्कसंगत है।
वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष तोहफा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से ऊपर) के लिए जमा राशि पर सामान्य से अधिक ब्याज दर और बैंकिंग सेवाओं में प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कुछ बैंकों ने महिला बचत खातों पर अतिरिक्त ब्याज और लोन पर रियायती दरों की भी घोषणा की है।








