Pappu Yadav Bail Update: 31 साल पुराने केस में पप्पू यादव को मिली जमानत, लेकिन अभी नहीं होगी जेल से रिहाई! जानें पूरा मामला
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Rajesh Ranjan) को लेकर पटना सिविल कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। 31 साल पुराने एक मामले में आज (मंगलवार) एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें जमानत (Bail) दे दी है। हालांकि, समर्थकों के लिए एक बुरी खबर भी है—बेल मिलने के बावजूद पप्पू यादव अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।

1. कोर्ट में आज क्या हुआ?
पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी ने 1995 के गर्दनीबाग वाले मामले में पप्पू यादव को राहत देते हुए उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली।
- वकील का बयान: पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने बताया कि कोर्ट ने मेरिट के आधार पर बेल दी है। यह मामला धारा 420 (धोखाधड़ी) और घर पर कब्जे से जुड़ा था।
- बम की धमकी से टली थी सुनवाई: याद दिला दें कि कल (सोमवार) पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके कारण सुनवाई आज के लिए टाल दी गई थी। आज कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें व्हीलचेयर पर कोर्ट लाया गया था।
2. तो फिर रिहाई क्यों नहीं?
जमानत मिलने के बाद भी पप्पू यादव को फिलहाल बेऊर जेल में ही रहना होगा।
- पुलिस का नया दांव: जैसे ही पुराने केस में बेल की उम्मीद बढ़ी, पटना पुलिस ने दो अन्य मामलों (बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाने के पुराने केस) में पप्पू यादव की रिमांड (Remand) मांग ली है।
- कानूनी पेंच: जब तक इन नए मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होती या बेल नहीं मिलती, तब तक सांसद को न्यायिक हिरासत में ही रहना पड़ सकता है।
3. क्या था 31 साल पुराना मामला?
यह मामला 1995 का है। आरोप है कि पप्पू यादव ने पटना के गर्दनीबाग इलाके में एक मकान किराए पर लिया था, लेकिन बाद में उसे खाली करने से मना कर दिया और वहां अपना कार्यालय बना लिया। मकान मालिक ने धोखाधड़ी और जबरन कब्जे का केस दर्ज कराया था। इसी मामले में वारंट जारी होने के बाद शुक्रवार रात हाई-वोल्टेज ड्रामा के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
4. राजनीतिक मायने और हंगामा
पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर विपक्ष इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बता रहा है।
राहुल-प्रियंका का समर्थन: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया है।
पप्पू यादव का आरोप: उन्होंने कोर्ट जाते समय कहा, “मुझे सच बोलने की सजा मिल रही है। नीट (NEET) छात्रा की मौत और पेपर लीक का मुद्दा उठाने के कारण सरकार मुझे जेल में रखना चाहती है।”



