सुप्रीम कोर्ट का भयंकर एक्शन! NCERT की इस किताब पर लगा बैन, रातों-रात वापस मंगवाई गईं सभी कॉपियां
NCERT की कक्षा 8 की एक किताब पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाया गया कड़ा प्रतिबंध। अगर आपके घर में भी बच्चे पढ़ाई करते हैं, तो यह खबर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी को स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए रातों-रात एक बड़ा फैसला सुनाया है। आइए जानते हैं आखिर इस किताब में ऐसा क्या लिखा था जिसने देश की सर्वोच्च अदालत को इतना नाराज कर दिया कि किताबें जब्त करने की नौबत आ गई।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, NCERT की नई कक्षा 8 की ‘सोशल साइंस’ (Social Science) की किताब में एक नया चैप्टर जोड़ा गया था। इस चैप्टर में कथित तौर पर ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ (Corruption in Judiciary) का जिक्र किया गया था। जैसे ही यह बात सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में आई, चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की बेंच ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट का मानना है कि यह न्यायपालिका के प्रति लोगों का भरोसा तोड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये 3 सख्त आदेश
कोर्ट ने तुरंत एक्शन लेते हुए निम्नलिखित आदेश जारी किए हैं:
- वितरण पर रोक: किताब के पब्लिकेशन और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
- डिजिटल बैन: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट्स से इस चैप्टर को तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
- कॉपियां होंगी जब्त: बाजार और स्कूलों में पहुंच चुकी फिजिकल कॉपियों को वापस मंगाने (Seize करने) का आदेश दिया गया है।
NCERT ने मांगी बिना शर्त माफी
सुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद NCERT (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) में हड़कंप मच गया। भारी विवाद को देखते हुए NCERT ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बिना शर्त माफी मांगी है और इसे अपनी ‘निर्णय की गलती’ (Error of judgement) बताया है।
छात्रों और पैरेंट्स पर क्या होगा असर?
जिन छात्रों और स्कूलों ने यह किताब खरीद ली है, उनके लिए जल्द ही शिक्षा विभाग की तरफ से नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। फिलहाल, इस विवादित हिस्से को सिलेबस से पूरी तरह से बाहर कर दिया गया है।



