बिहार: बाढ़ या आपदा के कारण पशु मृत्यु होने पर सहाय्य अनुदान के तहत आपको मिल सकता है 30,000 रुपए तक की राशि, ऐसे ले सकते है लाभ

सहाय्य अनुदान: बिहार में कोरोना काल में प्राकृतिक आपदा एवं राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित स्थानीय आपदाओ में पशुपालकों के पशुओ की मृत्यु होने की स्थिति में सरकार द्वारा पशुपालकों को सहाय्य अनुदान देने का प्रावधान किया गया है। जिसके लिए सरकार ने एक पत्र जारी करते हुए जानकारी प्रदान की है। सहाय्य अनुदान के तहत मिलने वाली राशि एवं अनुदान प्राप्त करने के लिए की जाने वाली दावों एवं भुगतान की प्रक्रिया निम्नलिखित है।

विभिन्न पशुओ के लिए मिलने वाली सहाय्य अनुदान

क्रम संख्यापशुओं के प्रकार प्रति इकाई राशिअधिकतम अनुमान्य प्रति परिवार अभियुक्ति
01दुधारू पशु- गाय/भैंस/ऊंट/याक/मिथुन आदि30,000/-3 पशु तक सीमित आर्थिक रूप से उत्पादक पशुओ की वास्तविक क्षति के अनुसार सीमित होगी।
02 दुधारू पशु-बकरी/भेड़/सुकर3,000/-30 पशु तक सीमितकिसी अन्य सरकारी योजना से प्राप्त होने वाली सहायता(जैसे एवीयन इंफ्लुएंजा से पक्षियों की मृत्यु या अन्य बीमारियों से मृत्यु) की स्थिति में यह सहायय् अनुदान दे नहीं होगा।
03भाड़वाही पशु- बैल/ऊंट/घोडा आदि25,000/-3 पशु तक सीमित
04भाड़वाही पशु-बछड़ा/खच्चर/गदहा/टट्टू16,000/-6 पशु तक सीमित
05पॉल्ट्री 50/-अधिकतम सीमा 500/-रुपए

सहायय् अनुदान के लिए आवेदन एवं भुगतान की प्रक्रिया

(क) पशु मृत्यु के बाद अगर शव प्राप्त हो तो-

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  1. पशुपालक के द्वारा अपने निकटतम पशुचिकित्सा पदाधिकारी को सूचना दी जाएगी एवं उसके बाद (प्रपत्र क) अनुरूप में आवेदन जमा किया जाएगा।
  2. आवेदन प्राप्त होने के बाद पशुचिकित्सा पदाधिकारी शव का पोस्टमार्टम करेंगे एवं आवेदन को अंचलाधिकारी को प्रेषित करेंगे। यदि पशु का शव पोस्टमार्टम करने की स्थति में नहीं रहती है (शव कई दिन पुराना होने या सड़ गल गई हो) तो पशुचिकित्सा पदाधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्र के साथ मृत पशुओ की संख्या से संबंधित स्पष्ट प्रतिवेदन अंचलाधिकारी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी को भेजा जाएगा।
  3. अंचलाधिकारी को प्राप्त हुई प्रतिवेदन के अनुसार वो स्वीकृती देने हेतु आवश्यक कार्यवाई करेंगे।

(ख) पशु मृत्यु के बाद अगर शव प्राप्त ना हो तो-

  1. पशुपालक द्वारा स्थानीय थाना में पशु क्षति के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करवाई जाएगी।
  2. पशुपालक का आवेदन (प्रपत्र क) के अनुसार स्थानीय मुखिया/पंचायत समिति सदस्य/जिला परिषद सदस्य/सरपंच/पंच/वार्ड सदस्य द्वारा अग्रसारित होना चाहिए।
  3. पशुपालक को दर्ज करवाई गई प्राथमिकी की प्रति संलग्न करते हुए आवेदन को संबंधित अंचलाधिकारी को दिया जाएगा। उसके बाद अंचलधिकारी राजस्व कर्मी/अन्य कर्मी से वास्तविकता की जांच करने के बाद स्वीकृत के लिए (प्रपत्र ग के अनुसार) कार्यवाई करेंगे।
  4. (प्रपत्र (ख)/(ग) के अनुसार) अंचलाधिकारी पशु क्षति संबंधी सूचना को ससमय जिला पदाधिकारी को उपलब्ध करवाएंगे। उसके जिला पदाधिकारी आवश्यक जांच करने के बाद एक सप्ताह के अंदर सहायय् अनुदान की राशि पशुपाल को उपलब्ध करवाया जाएगा।

Note: अन्य आपदाओ जैसे की सुखाड़/व्रजपात/अग्निकांड जैसी स्थिति में पशुओ का पोस्टमार्टम करना अनिवार्य होगा।

सहायय् अनुदान प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  1. आधार कार्ड
  2. मोबाईल नंबर
  3. बैंक खाता का विवरण
  4. पशु मृत्यु विवरण पत्र

नोट: प्रपत्र क/ख/ग विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया विभागीय वेबसाईट https://state.bihar.gov.in , जिला पशुपालन कार्यालय एवं भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध है। सरकार द्वारा जारी की गई पत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

योजना से संबंधित विशेष जानकारी के लिए पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना के अधिकारी फोन नंबर 0612-2226049 पर call करके जानकारी ले सकते है। Read more

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