TCS के शेयर में भूचाल! एक ही दिन में 7% की भारी गिरावट: क्या यह ‘मौका’ है या ‘धोखा’? जानिए सपोर्ट, रेजिस्टेंस और गिरावट की असली वजह
बिजनेस डेस्क: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के निवेशकों के लिए आज 4 फरवरी का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। शेयर बाजार खुलते ही आईटी सेक्टर में जबरदस्त बिकवाली का दबाव देखा गया, जिसका सबसे बड़ा असर TCS पर पड़ा।

इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान TCS का शेयर 7% से भी ज्यादा टूट गया, और अभी 2999 पर के लेवल पर ट्रेड कर रहा है, जिससे निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये डूब गए। इस बड़ी गिरावट ने बाजार के दिग्गजों को भी चौंका दिया है। आखिर देश की सबसे भरोसेमंद कंपनी के शेयर में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? आइए डिकोड करते हैं।
TCS क्यों टूटा? जानिए गिरावट के 3 बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भारी गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि नकारात्मक खबरों का एक ‘कॉकटेल’ है:
- कमजोर तिमाही नतीजे (Weak Quarterly Results): सबसे बड़ा कारण हाल ही में आए/अनुमानित तिमाही नतीजे रहे हैं। कंपनी की आय (Revenue) और मुनाफे (Profit) में बाजार की उम्मीदों के मुताबिक बढ़ोतरी नहीं दिखी है। मार्जिन पर दबाव ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया है।
- अमेरिका से मंदी की आहट (US Recession Fears): भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप से आता है। वहां मंदी की आशंका और ब्याज दरों में अनिश्चितता के चलते क्लाइंट्स (Clients) ने अपने आईटी खर्च (IT Spending) में कटौती की है, जिसका सीधा असर TCS की ऑर्डर बुक पर पड़ने की संभावना है।
- बड़ी डील कैंसिल होना: बाजार में ऐसी चर्चा है कि कंपनी के हाथ से कुछ बड़े प्रोजेक्ट्स निकल गए हैं या उनमें देरी हो रही है, जिसने आग में घी का काम किया और पैनिक सेलिंग (Panic Selling) शुरू हो गई।
अभी और गिरेगा या यहाँ से ऊपर जाएगा?
सबसे बड़ा सवाल जो हर निवेशक के मन में है, क्या यह गिरने वाले चाकू (Falling Knife) को पकड़ने जैसा है, या यह खरीदारी का सुनहरा मौका है?

- बियर्स (Bears) का पलड़ा भारी: चार्ट्स पर मंदी का दौर साफ नजर आ रहा है। 7% की गिरावट के साथ भारी वॉल्यूम यह बताता है कि अभी बिकवाली का दबाव (Selling Pressure) खत्म नहीं हुआ है। शॉर्ट टर्म में थोड़ा और करेक्शन देखने को मिल सकता है।
- लॉन्ग टर्म निवेश: हालांकि, फंडामेंटल तौर पर TCS एक मजबूत कंपनी है। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि “डर के माहौल में ही पैसा बनता है।” लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह ‘SIP’ शुरू करने या एवरेज करने का अच्छा मौका हो सकता है, लेकिन एक साथ पूरा पैसा लगाने से बचें।
टेक्निकल एनालिसिस: सपोर्ट और रेजिस्टेंस (Support & Resistance)
अगर आप ट्रेडिंग के नजरिए से देख रहे हैं, तो इन लेवल्स पर खास नजर रखें:
- महत्वपूर्ण सपोर्ट (Support Level): स्टॉक का अगला बड़ा सपोर्ट ₹2,960 – ₹2,990 के आसपास नजर आ रहा है। अगर यह लेवल टूटता है, तो स्टॉक ₹2,900 की तरफ फिसल सकता है।
- रेजिस्टेंस (Resistance Level): ऊपर की तरफ अब ₹3,100 – ₹3,200 का लेवल एक मजबूत दीवार बन गया है। जब तक शेयर इस लेवल को पार करके क्लोजिंग नहीं देता, तब तक नई तेजी (Bull Run) की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी।
- RSI इंडिकेटर: स्टॉक का RSI (Relative Strength Index) ‘हल्का बेअरिस’ (slightly bearish) जोन में जा रहा है, जिसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों में और गिरावट आ सकता है।
निष्कर्ष: बाजार के जानकारों की सलाह है कि अभी “Wait and Watch” (रुको और देखो) की रणनीति अपनाना सबसे बेहतर है। जब तक स्टॉक किसी सपोर्ट लेवल पर जाकर स्थिर (Consolidate) नहीं होता, तब तक नई खरीदारी में जल्दबाजी न करें।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। कोई भी निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।



