उजियारपुर में आग में आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख, घंटों बाद मिली पुलिस और दमकल कि मदद
बिहार के समस्तीपुर जिलें के उजियारपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ के भीड़भाड़ वाले गांवपुर योगी चौक बाजार में शुक्रवार की शाम एक भयानक अग्निकांड हुआ, जिसने न सिर्फ लाखों की संपत्ति को खाक कर दिया, बल्कि स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी की पोल भी खोल कर रख दी है।

शाम 7 बजे का वह खौफनाक मंजर
शुक्रवार शाम करीब 7 बजे जब बाजार में रोजमर्रा की तरह लोगों की चहल-पहल थी, तभी अचानक योगी चौक स्थित ‘विश्वकर्मा प्लाई दुकान’ से धुएं का गुबार और आग की भयंकर लपटें उठने लगीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण बिजली का ‘शॉर्ट सर्किट’ बताया जा रहा है। प्लाईबोर्ड, लकड़ी और केमिकल का भारी स्टॉक होने के कारण आग ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप ले लिया कि आस-पास के लोगों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
25 लाख का नुकसान, पल भर में उजड़ गई दुकान
शुक्रवार कि शाम को खराब मौसम के कारण मालपुर गांव निवासी विपिन शर्मा दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। कुछ ही देर बाद उनकी दुकान से आग की लपटें निकलने लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, और पूरी दुकान जलकर नष्ट हो गई।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि स्थानीय लोग अपने स्तर पर पानी डालकर उसे बुझाने में पूरी तरह बेबस नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों और दुकान मालिक के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में दुकान के अंदर रखा लगभग 25 लाख रुपये का कीमती प्लाईबोर्ड और अन्य सारा सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया है। एक झटके में वर्षों की मेहनत धू-धू कर जल उठी।
प्रशासन की घोर लापरवाही: घंटों बाद पहुंची पुलिस और दमकल
इस पूरी घटना में जो सबसे ज्यादा आक्रोशित करने वाली बात सामने आई, वह है स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) का बेहद सुस्त रवैया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों का स्पष्ट आरोप है कि आग भड़कने के तुरंत बाद प्रशासन को लगातार फोन कर सूचना दी गई थी। इसके बावजूद, मदद पहुंचने में घंटों लग गए।
जब तक दमकल की गाड़ियां सायरन बजाते हुए घटना स्थल पर पहुंचीं, तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। दुकान का सारा कीमती सामान जलकर कोयले और राख के ढेर में तब्दील हो गया था। स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि अगर समय रहते फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो लाखों का नुकसान होने से बचाया जा सकता था।
इस भारी लापरवाही को लेकर गांवपुर योगी चौक के स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी गुस्सा है। प्रशासन के रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आपात स्थिति में भी घंटों की देरी क्यों हुई?



