Mahashivratri 2026: 100 साल बाद 15 फरवरी को बन रहा ‘महासंयोग’! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
शिव भक्तों के लिए साल का सबसे बड़ा त्योहार महाशिवरात्रि खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाए जाने वाले इस पर्व का इंतजार हर सनातनी को रहता है।

लेकिन, साल 2026 की महाशिवरात्रि कोई आम शिवरात्रि नहीं है। ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक, इस बार 15 फरवरी 2026 को ग्रहों का एक ऐसा ‘दुर्लभ महासंयोग’ बन रहा है, जो पिछले 100 सालों में नहीं देखा गया। यह संयोग कुछ राशियों के लिए वरदान साबित होने वाला है।
100 साल बाद क्या बन रहा है ‘महासंयोग’?
ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि रविवार के दिन पड़ रही है। रविवार भगवान सूर्य का दिन है और शिवजी सूर्य के भी आराध्य हैं। इसके साथ ही इस दिन ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ और ‘शिव योग’ का अद्भुत मिलन हो रहा है। कहा जा रहा है कि इस मुहुर्त में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाएगा और शनि दोष (Shani Dosh) व कालसर्प दोष से पीड़ित लोगों को तुरंत राहत मिलेगी।
इन 4 राशियों पर मेहरबान होंगे भोलेनाथ
इस महासंयोग का सीधा फायदा इन 4 राशि वाले जातकों को मिलेगा। क्या आपकी राशि इसमें शामिल है?
1. मेष राशि (Aries): भगवान शिव की कृपा से मेष राशि वालों के लिए धन के नए द्वार खुलेंगे। रुका हुआ पैसा वापस मिलेगा और नौकरी में प्रमोशन के प्रबल योग बन रहे हैं।
2. सिंह राशि (Leo): चूंकि दिन रविवार है (सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं), इसलिए यह शिवरात्रि आपके लिए ‘राजयोग’ लेकर आ रही है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और पुराने कर्ज से मुक्ति मिलेगी।
3. तुला राशि (Libra): व्यापारियों के लिए यह समय स्वर्णिम है। अगर आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो शिवजी का नाम लेकर शुरू करें, सफलता कदम चूमेगी। वैवाहिक जीवन की परेशानियां भी खत्म होंगी।
4. कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के स्वामी शनिदेव हैं, जो शिवजी के परम भक्त हैं। इस महाशिवरात्रि पर कुंभ राशि वालों पर चल रही परेशानियों का अंत होगा। बस शिवलिंग पर शमी का पत्ता चढ़ाना न भूलें।
नोट कर लें पूजा का सही समय
पंचांग के अनुसार, निशिता काल (मध्यरात्रि) की पूजा सबसे फलदायी मानी गई है।
- महाशिवरात्रि तारीख: 15 फरवरी 2026 (रविवार)
- चतुर्दशी तिथि आरंभ: 15 फरवरी, दोपहर 01:15 बजे से
- निशिता काल (पूजा का बेस्ट टाइम): रात 12:09 बजे से 01:01 बजे तक (16 फरवरी की सुबह)
- पारण का समय: 16 फरवरी, सुबह 06:58 बजे के बाद
शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?
इस महासंयोग का लाभ उठाने के लिए शिवलिंग पर एक लोटा जल में थोड़ा सा कच्चा दूध, काले तिल और शहद मिलाकर अभिषेक करें। साथ में 3 पत्तों वाला बेलपत्र जरूर चढ़ाएं।



