PM Awas Yojana: सूची से गायब हैं सैकड़ों नाम, भाकपा-माले का उजियारपुर में धरना, दी भूख-हड़ताल की चेतावनी

उजियारपुर (21 फरवरी 2026): प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) की सत्यापन सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और योग्य लाभुकों के नाम काटे जाने का आरोप लगाते हुए भाकपा-माले (CPI-ML) ने शनिवार को उजियारपुर प्रखंड के मालती पंचायत भवन के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मालती, भगवानपुर देसुआ और नाजिरपुर सहित कई अन्य पंचायतों के सैकड़ों योग्य परिवारों के नाम सूची से गायब हैं।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें?
मालती उपसरपंच सुधांशु प्रियदर्शी की अध्यक्षता में आयोजित इस धरने में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं:
- सार्वजनिक हो सूची: पीएम आवास योजना के तहत सत्यापित लोगों की सूची को तुरंत सार्वजनिक किया जाए।
- छूटे हुए नाम जुड़ें: मालती, भगवानपुर देसुआ और नाजिरपुर सहित अन्य पंचायतों के छूटे हुए सैकड़ों लोगों के नाम बीडीओ (BDO) के स्तर से तत्काल प्रभाव से सूची में शामिल किए जाएं।
- भ्रष्टाचार पर लगे लगाम: दाखिल-खारिज और परिमार्जन के नाम पर अंचल कार्यालयों में चल रही घूसखोरी पर सख्त रोक लगे।
- भूमि विवाद का निपटारा: क्षेत्र में बढ़ते भूमि विवादों का भौतिक सत्यापन कर उनका त्वरित समाधान किया जाए।
- जमीन की उपलब्धता: जिला परिषद क्षेत्र संख्या-28 में विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए चयनित स्थल पर जमीन उपलब्ध कराई जाए।
सत्यापन के नाम पर हो रही है वसूली
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान, जिला स्थायी कमेटी सदस्य महावीर पोद्दार और फूलबाबू सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “पीएम आवास योजना की सूची के सत्यापन के नाम पर हर पंचायत में लाभुकों से मोटी रकम वसूली गई है। इसके बावजूद मालती और भगवानपुर देसुआ जैसी पंचायतों के सैकड़ों गरीब परिवारों के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं।”
नेताओं ने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में उजियारपुर प्रखंड के किसी भी व्यक्ति को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना ही गरीबों के लिए एकमात्र आस है, जिसमें किसी भी हाल में योग्य लोगों का नाम नहीं छूटना चाहिए।
23 फरवरी से अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल की चेतावनी
भाकपा-माले ने स्थानीय प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि तत्काल प्रभाव से छूटे हुए लोगों के नाम आवास योजना की सूची में शामिल नहीं किए गए, तो इस मांग को 23 फरवरी से अंचल कार्यालय के समक्ष होने वाली भूख-हड़ताल में भी शामिल किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस एकजुटता सभा में स्थानीय जिला पार्षद रिंकी कुमारी भी शामिल हुईं। सभा को प्रखंड कमेटी सदस्य दिलीप कुमार राय, अर्जुन दास, शमीम मंसूरी, विजय कुमार राम, तनंजय प्रकाश, मो. उस्मान, मधुकर कुमार, रामदुलार सिंह और मो. अलाउद्दीन आदि नेताओं ने भी संबोधित किया। और पढ़ें



