समस्तीपुर में लूट की बड़ी साजिश नाकाम, नक्सली समेत 5 कुख्यात बदमाश हथियारों संग गिरफ्तार
बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस और राज्य एसटीएफ (STF) की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने समस्तीपुर और वैशाली जिले में बड़ी लूट की घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहे एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक पूर्व नक्सली सहित पांच कुख्यात अपराधियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

जेल के पीछे चल रही थी लूट की प्लानिंग
पुलिस को गुप्त और तकनीकी सूचना मिली थी कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दुधपुरा जेल के पीछे कुछ शातिर अपराधी अवैध हथियारों के साथ जमा हुए हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-1 डीएसपी सतीश सुमन के नेतृत्व में मुफस्सिल थानाध्यक्ष और जिला आसूचना इकाई (DIU) की एक विशेष टीम का गठन किया गया। शनिवार रात टीम ने चिह्नित स्थान की घेराबंदी कर पांच अपराधियों को धर दबोचा, हालांकि अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर चार अन्य बदमाश मौके से फरार होने में सफल रहे।
मास्टरमाइंड निकला 7 साल बाद जेल से छूटा नक्सली
इस गिरोह का मास्टरमाइंड हसनपुर थाना क्षेत्र के भटवन गांव का रहने वाला दीपक कुमार उर्फ ‘डॉक्टर’ है। दीपक का नक्सली वारदातों से पुराना नाता रहा है। पुलिस के मुताबिक, साल 2018 में दीपक पर पातेपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति का अपहरण कर लेवी (रंगदारी) मांगने और लेवी न मिलने पर उसकी हत्या करने का आरोप था। दीपक लगभग सात साल बाद हाल ही में जेल से बाहर आया था और फिर से अपना आपराधिक गिरोह सक्रिय कर लिया था। दीपक पर हत्या, आर्म्स एक्ट और यूएपीए (UAPA) जैसी गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार किए गए अन्य अपराधियों के नाम:
चंदन कुमार उर्फ दीपक (निवासी – बसढिया, दलसिंहसराय), मो. रहमतुल्ला उर्फ साहब (निवासी – चकनूर धर्मपुर, मुफस्सिल), मो. तालिब (निवासी – हसनपुर ओस्ती, महुआ, वैशाली), राहुल कुमार (निवासी – रामपुर दुधपुरा, मुफस्सिल)। इन सभी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और इन पर आर्म्स एक्ट, लूट, एनडीपीएस और पॉक्सो एक्ट के तहत विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान अपराधियों के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध सामान और हथियार बरामद किए हैं:
- दो देसी पिस्तौल
- 20 जिंदा कारतूस
- चार मोबाइल फोन
- 32,400 रुपये नकद
आगे की कार्रवाई जारी
रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में डीएसपी सतीश सुमन ने जानकारी दी कि गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में लूट की योजना बनाने की बात स्वीकार कर ली है। फरार हुए अन्य 4 आरोपितों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही, गिरफ्तार बदमाशों के अन्य जिलों के थानों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।




