मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार के हर परिवार के एक महिला को रोजगार के लिए मिलेंगे 10 हजार
बिहार सरकार ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए महिला सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना कि शुरुआत कि है। इस योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद के रोजगार के लिए 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कि जाएगी। आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और सितंबर 2025 से राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफ़र होना शुरू हो जाएगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते हुए जानकारी सांझा किया है कि नवंबर 2005 में सरकार बनने के बाद से हम लोगों ने महिला सशक्तीकरण को लेकर बड़े पैमाने पर काम किया है। हमने महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं।
महिलाएं अब अपनी मेहनत से न सिर्फ बिहार की प्रगति में योगदान दे रहीं हैं बल्कि वो अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम उठाते हुए हमारी सरकार ने एक महत्वपूर्ण अभूतपूर्व निर्णय लिया है जिसके सकारात्मक दूरगामी परिणाम होंगे।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की प्रमुख बिंदुए-
- सभी परिवारों की केवल एक महिला को अपनी पसंद के रोजगार के लिए 10 हजार रुपए की राशि पहली किस्त के रूप में प्रदान की जाएगी।
- इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया जल्दी ही शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी व्यवस्था और प्रक्रिया का निर्धारण ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से किया जाएगा। नगर विकास और आवास विभाग का इसके लिए सहयोग करेगा।
- सितम्बर 2025 से महिलाओं के बैंक अकाउंट में यह राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
- महिलाएं जब रोजगार शुरू करेंगी उसके 6 महीने बाद रोजगार का आकलन किया जाएगा फिर आवश्यकतानुसार अधिकतम 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
- राज्य में गांवों से लेकर शहर तक महिलाओं के प्रोडक्ट्स को बेचने के लिए हाट बाजार भी विकसित किए जाएंगे।
इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ राज्य के हर परिवार की एक इच्छुक महिला को मिलेगा। इस योजना का लक्ष्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसकी पहली किस्त के रूप में, ₹10,000 की राशि सितंबर 2025 से सीधे पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
यह राशि महिलाओं को अपना उद्यम शुरू करने में मदद करेगी। ₹10,000 की प्रारंभिक सहायता के बाद, ग्रामीण विकास विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग महिलाओं के रोजगार प्रस्तावों का मूल्यांकन करेंगे और उसके आधार पर उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेंगे।