2026 शीतकालीन ओलंपिक: इटली की वो ‘अनदेखी’ वादियाँ, जहाँ होने वाला है खेलों का महाकुंभ!
दुनिया भर के खेल प्रेमी और एथलीट वर्ष 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इस साल शीतकालीन ओलंपिक खेलों की वापसी यूरोप की धरती पर होने जा रही है। मिलानो-कॉर्टिना 2026 शीतकालीन ओलंपिक, जिसे आधिकारिक तौर पर XXV ओलंपिक शीतकालीन खेलों के रूप में जाना जाता है, 6 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक निर्धारित है।

यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मंच होगा, बल्कि यह इटली की संस्कृति, वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का भी एक सुनहरा अवसर है।
2006 के ट्यूरिन ओलंपिक के ठीक 20 साल बाद इटली एक बार फिर इन खेलों की मेजबानी कर रहा है, जो इसे खेल इतिहास में एक विशेष स्थान दिलाता है। इस आयोजन को लेकर वैश्विक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं और खेल प्रशंसक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक खेल भावना का मिलन किस प्रकार होगा।
मिलान और कॉर्टिना: दो शहरों की अनूठी संयुक्त मेजबानी और भौगोलिक विस्तार
ओलंपिक इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब दो शहरों, मिलान और कॉर्टिना डी एम्पेज़ो, का नाम आधिकारिक लोगो और खेलों के शीर्षक में एक साथ शामिल किया गया है। यह “दो शहरों” की अवधारणा ओलंपिक आंदोलन में एक नए युग का प्रतीक है, जहां एक ही शहर पर पूरा बोझ डालने के बजाय, आयोजन को एक विस्तृत क्षेत्र में फैलाया गया है।
मिलान, जो फैशन और अर्थव्यवस्था का केंद्र है, वहां इनडोर आइस स्पोर्ट्स जैसे फिगर स्केटिंग और आइस हॉकी का आयोजन होगा, जबकि कॉर्टिना डी एम्पेज़ो, जो डोलोमाइट्स पर्वत श्रृंखला में स्थित है, वहां आउटडोर स्कीइंग और अन्य पर्वतीय खेलों का रोमांच देखने को मिलेगा।
यह आयोजन केवल इन दो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोम्बार्डी और वेनेटो क्षेत्रों के साथ-साथ ट्रेंटिनो-ऑल्टो अडिगे के स्वायत्त प्रांतों में भी फैला हुआ है। लगभग 22,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला यह आयोजन तार्किक रूप से चुनौतीपूर्ण तो है, लेकिन यह दर्शकों को इटली के विभिन्न परिदृश्यों का अनुभव कराने का मौका भी देगा।
ऐतिहासिक स्टेडियम और आधुनिक बुनियादी ढांचे का अद्भुत संगम
मिलानो-कॉर्टिना 2026 की सबसे खास बात इसका आयोजन स्थलों का चयन है। आयोजकों ने नए निर्माण कार्यों को कम करने और मौजूदा विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का उपयोग करने पर जोर दिया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण उद्घाटन समारोह है, जो मिलान के प्रसिद्ध सैन सिरो स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
यह स्टेडियम दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल एरेनास में से एक है और यहां ओलंपिक मशाल का जलना एक ऐतिहासिक क्षण होगा। दूसरी ओर, समापन समारोह इतिहास और प्राचीनता से भरे शहर वेरोना के एरिना डी वेरोना में होगा। यह एक रोमन एम्फीथिएटर है जो हजारों साल पुराना है।
आधुनिक खेल और प्राचीन रोमन वास्तुकला का यह मिलन दर्शकों के लिए अविस्मरणीय होगा। इसके अलावा, एंथोलज़ में बाथलॉन और वैल डी फिएमे में नॉर्डिक स्कीइंग जैसे आयोजनों के लिए पहले से मौजूद सुविधाओं को अपग्रेड किया जा रहा है, जो स्थिरता के प्रति खेलों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्की माउंटेनियरिंग का ओलंपिक में पदार्पण और रोमांचक खेल स्पर्धाएं
हर ओलंपिक में कुछ न कुछ नया देखने को मिलता है और 2026 के शीतकालीन खेल भी इसके अपवाद नहीं हैं। इस बार स्की माउंटेनियरिंग (Ski Mountaineering) को आधिकारिक तौर पर एक ओलंपिक खेल के रूप में शामिल किया गया है। यह खेल एथलीटों की सहनशक्ति और तकनीकी कौशल की कड़ी परीक्षा लेता है, जिसमें उन्हें बर्फीले पहाड़ों पर चढ़ाई करनी होती है और फिर स्की करते हुए नीचे उतरना होता है।
यह जोड़ शीतकालीन खेलों को और अधिक रोमांचक और साहसिक बना देगा। इसके अलावा, पारंपरिक खेल जैसे अल्पाइन स्कीइंग, क्रॉस-कंट्री स्कीइंग, फ्रीस्टाइल स्कीइंग, नॉर्डिक संयुक्त, स्की जंपिंग और स्नोबोर्डिंग भी मुख्य आकर्षण रहेंगे।
बर्फ पर खेले जाने वाले खेलों में कर्लिंग, फिगर स्केटिंग, आइस हॉकी, शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग और स्पीड स्केटिंग शामिल हैं। स्लाइडिंग स्पोर्ट्स में, एथलीट बॉबस्ले, ल्यूज और स्केलेटन में अपनी गति का प्रदर्शन करेंगे। पैरालंपिक खेलों के लिए भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं, जो मुख्य आयोजन के तुरंत बाद शुरू होंगे।
पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता पर विशेष जोर और आर्थिक दृष्टिकोण
आज के दौर में किसी भी बड़े आयोजन के लिए पर्यावरण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। मिलानो-कॉर्टिना 2026 ने स्थिरता को अपने मिशन के केंद्र में रखा है। इसका उद्देश्य अब तक का सबसे टिकाऊ शीतकालीन ओलंपिक बनना है। चूंकि 90 प्रतिशत से अधिक खेल स्थल पहले से ही मौजूद हैं या अस्थायी रूप से बनाए जाएंगे, इसलिए कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आने की उम्मीद है।
आयोजकों ने यह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि खेलों के कारण स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान न पहुंचे, विशेष रूप से डोलोमाइट्स के संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से, यह आयोजन इटली के उत्तरी क्षेत्रों के पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
कोविड-19 महामारी के बाद, यह इटली के लिए अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने और दुनिया का स्वागत करने का एक बड़ा अवसर है। हालांकि, बढ़ती लागत और बुनियादी ढांचे की समय सीमा को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं, जिन पर आयोजक बारीकी से नजर रख रहे हैं।
टीना और माइलो: खेलों के शुभंकर और उनका सांस्कृतिक संदेश
किसी भी ओलंपिक की पहचान उसके शुभंकरों (Mascots) से होती है, और 2026 के खेलों के लिए ‘टीना’ और ‘माइलो’ को चुना गया है। ये दो प्यारे पात्र भाई-बहन हैं और ‘स्टोट’ (एक प्रकार का नेवला) हैं। टीना, जिसका नाम कॉर्टिना से लिया गया है, और माइलो, जिसका नाम मिलानो से प्रेरित है, विभिन्न संदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
टीना एक रचनात्मक और व्यावहारिक चरित्र है जो शहर की ऊर्जा का प्रतीक है, जबकि माइलो एक सपने देखने वाला है जिसे बर्फ से प्यार है। मजे की बात यह है कि माइलो का जन्म बिना एक पैर के हुआ है, जो समावेशन और पैरालंपिक भावना का प्रतिनिधित्व करता है।
इन शुभंकरों का चयन एक सार्वजनिक वोट के माध्यम से किया गया था, जिसमें स्कूली छात्रों और आम जनता ने भाग लिया था। यह प्रक्रिया दर्शाती है कि आयोजक इन खेलों को आम लोगों और बच्चों से जोड़ना चाहते हैं। ये शुभंकर न केवल मर्चेंडाइज का हिस्सा होंगे, बल्कि पर्यावरण जागरूकता और खेल भावना का संदेश भी फैलाएंगे।
चुनौतियां, तैयारियां और भविष्य की ओर एक कदम
जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है, आयोजकों के सामने कई चुनौतियां भी हैं। सबसे बड़ी चिंता जलवायु परिवर्तन है। शीतकालीन खेलों के लिए पर्याप्त प्राकृतिक बर्फ की उपलब्धता एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। पिछले कुछ शीतकालीन ओलंपिक में कृत्रिम बर्फ का भारी उपयोग देखा गया है, और 2026 में भी इसकी आवश्यकता पड़ सकती है, जो पर्यावरणविदों के लिए चिंता का विषय है।
इसके अलावा, परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि आयोजन स्थल एक-दूसरे से काफी दूर स्थित हैं। मिलान से कॉर्टिना तक की यात्रा में कई घंटे लग सकते हैं, इसलिए सड़कों और रेलवे लिंक को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि एथलीटों और दर्शकों को परेशानी न हो। इन चुनौतियों के बावजूद, उत्साह कम नहीं हुआ है।
दुनिया भर के एथलीट अपनी ट्रेनिंग में जी-जान से जुटे हैं। यह ओलंपिक न केवल पदक जीतने के बारे में है, बल्कि यह मानवीय भावना, लचीलेपन और सीमाओं को पार करने के उत्सव के रूप में भी देखा जा रहा है। मिलानो-कॉर्टिना 2026 निश्चित रूप से इतिहास के पन्नों में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज होने के लिए तैयार है।



