Budget 2026: मध्यम वर्ग के लिए वित्त मंत्री का ‘मास्टरस्ट्रोक’, अब ₹8 लाख तक की आय पर नहीं लगेगा कोई टैक्स!
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना 9वां बजट पेश करते हुए देश के करोड़ों करदाताओं (Taxpayers) को अब तक की सबसे बड़ी राहत दी है। “विकसित भारत” की नींव को मजबूत करते हुए सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। सबसे बड़ी घोषणा यह है कि अब ₹8 लाख तक की सालाना कमाई करने वालों को एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा।

नई टैक्स व्यवस्था: क्या है नया ‘गणित’?
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि नई टैक्स व्यवस्था को अब और भी सरल और लाभकारी बनाया गया है। सरकार ने सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली रिबेट (Rebate) की सीमा को बढ़ा दिया है।
इसका सीधा मतलब है कि भले ही टैक्स स्लैब ₹4 लाख से शुरू हो रहा हो, लेकिन अगर आपकी कुल कर-योग्य आय (Taxable Income) ₹8 लाख तक है, तो सरकार आपको पूरा टैक्स रिफंड (Rebate) कर देगी, और आपकी टैक्स देनदारी ‘शून्य’ हो जाएगी।
नई टैक्स स्लैब (FY 2026-27):
वित्त मंत्री ने स्लैब को तर्कसंगत बनाते हुए इसे और भी सरल कर दिया है:
| आय की सीमा (Income Slab) | टैक्स की दर (Tax Rate) |
| ₹0 से ₹4 लाख | शून्य (Nil) |
| ₹4 लाख से ₹8 लाख | 5% (रिबेट के कारण प्रभावी टैक्स 0) |
| ₹8 लाख से ₹12 लाख | 10% |
| ₹12 लाख से ₹16 लाख | 15% |
| ₹16 लाख से ₹20 लाख | 20% |
| ₹20 लाख से ₹24 लाख | 25% |
| ₹24 लाख से ऊपर | 30% |
💼 वेतनभोगियों (Salaried Class) की बल्ले-बल्ले
नौकरीपेशा लोगों के लिए यह बजट दोहरी खुशी लेकर आया है। स्लैब में बदलाव के अलावा, वित्त मंत्री ने स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 करने का प्रस्ताव दिया है।
इसका क्या मतलब है?
अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो ₹8 लाख (रिबेट सीमा) + ₹75,000 (स्टैंडर्ड डिडक्शन) = ₹8.75 लाख तक की सैलरी पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
वित्त मंत्री का बयान:
“हमारा लक्ष्य मध्यम वर्ग के हाथों में अधिक डिस्पोजेबल आय (खर्च करने योग्य पैसा) छोड़ना है, जिससे बाजार में मांग बढ़े और आर्थिक चक्र को गति मिले।”
बजट 2026 की अन्य मुख्य बातें:
- न्यू टैक्स रेजीम अब डिफॉल्ट: पुरानी व्यवस्था (Old Regime) अभी भी उपलब्ध रहेगी, लेकिन नई व्यवस्था को डिफॉल्ट रखा गया है।
- पेंशनर्स को राहत: फैमिली पेंशन पर डिडक्शन की सीमा को भी बढ़ाया गया है।
- सरल प्रक्रिया: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म को और छोटा और सरल किया जाएगा ताकि आम आदमी बिना CA की मदद के रिटर्न भर सके।



