जहरीली शराब से मौत या मारपीट? भाकपा-माले ने पुलिस पर लगाया लीपा-पोती का आरोप, एसएचओ को बर्खास्त करने की मांग
उजियारपुर थाना क्षेत्र में दो व्यक्तियों की संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाकपा-माले ने दावा किया है कि दोनों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है, जबकि पुलिस प्रशासन पर इस मामले को ‘मारपीट की घटना’ बताकर रफा-दफा करने का आरोप लगाया गया है।

क्या है पूरा मामला? घटना उजियारपुर प्रखंड की है, जहाँ गावपुर पंचायत के वार्ड संख्या-06 निवासी सन्नी ठाकुर (48 वर्ष) की 5 फरवरी को और बेलारी पंचायत के वार्ड संख्या-02 निवासी विकास महतो (30 वर्ष) की 4 फरवरी कि देर रात्री मौत हो गई।
शुक्रवार को भाकपा-माले की एक जाँच टीम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। जाँच दल का नेतृत्व कर रहे भाकपा-माले उजियारपुर प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान और जिला स्थायी कमेटी सदस्य फूलबाबू सिंह ने आरोप लगाया कि उजियारपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह मामले की लीपा-पोती में जुटे हैं।
नेताओं का आरोप: ‘शराब माफिया को मिल रहा संरक्षण’ भाकपा-माले नेताओं ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा, “थानाध्यक्ष जहरीली शराब से हुई मौतों को मारपीट की घटना से जोड़कर मामले को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। क्षेत्र में शराब तस्करों को खुल्लम-खुल्ला संरक्षण दिया जा रहा है और उच्च अधिकारी भी इस गंभीर मुद्दे पर मौन हैं।”
प्रतिनिधिमंडल में छात्र संगठन आइसा के नेता मो० फरमान, उमेश मलिक और सोनेलाल सिंह भी शामिल थे। उन्होंने पीड़ित परिजनों का हवाला देते हुए प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए।
भाकपा-माले की प्रमुख मांगें: पार्टी ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- उजियारपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।
- क्षेत्र के शराब तस्करों और माफियाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
- मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- आम लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आगे की रणनीति: भाकपा-माले ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर पूरे क्षेत्र में जन-जागरूकता अभियान चलाएगी और आंदोलन को तेज करेगी।




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