India-EU Trade Deal: पीएम मोदी ने जिसे कहा ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’, उससे पंजाब को कैसे होगा बंपर मुनाफा?
भारत ने कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर एक और बड़ी छलांग लगाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ (European Union) के बीच हाल ही में बनी सहमति को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ (Mother of All Deals) करार दिया है।

यह समझौता न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा, बल्कि प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से पंजाब के किसानों और उद्यमियों के लिए इसे एक ‘गेम चेंजर’ बताया है।
🇪🇺 क्या है यह ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’?
यूरोपीय यूनियन (EU) में कुल 27 देश शामिल हैं, जिनमें जर्मनी, फ्रांस, इटली और बेल्जियम जैसे बड़े बाजार हैं। इस समझौते के बाद भारतीय सामानों के लिए इन 27 देशों के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा:
“कुछ दिन पहले ही भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर सहमति बनी है। इससे यूरोप के 27 देशों के साथ हमारा व्यापार खूब फलेगा-फूलेगा। पंजाब के हमारे भाई-बहनों को भी इसका बहुत फायदा मिलने वाला है।”
पंजाब को क्यों होगा सबसे ज्यादा फायदा?
पीएम मोदी द्वारा पंजाब का विशेष उल्लेख करने के पीछे ठोस आर्थिक कारण हैं। इस डील से पंजाब के तीन प्रमुख सेक्टर्स में बंपर उछाल आने की उम्मीद है:
1. कृषि और बासमती चावल (Agriculture)
यूरोप भारतीय बासमती चावल का बहुत बड़ा खरीददार है। अब तक कड़े नियमों और टैरिफ (Tax) के कारण पंजाब के किसानों को यूरोप में अपना अनाज बेचने में दिक्कत आती थी। इस डील से बासमती चावल और प्रोसेस्ड फूड (Processed Food) पर ड्यूटी कम होगी, जिससे पंजाब के किसानों की आय सीधे बढ़ेगी।
2. टेक्स्टाइल और होजरी (Textile Hub)
लुधियाना और अमृतसर पंजाब के टेक्स्टाइल हब हैं। यूरोप में भारतीय कपड़ों की भारी मांग है। ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के तहत भारतीय कपड़ों पर से कस्टम ड्यूटी हटने की संभावना है। इससे पंजाब की होजरी इंडस्ट्री बांग्लादेश और वियतनाम को कड़ी टक्कर दे पाएगी और निर्यात दोगुना हो सकता है।
3. मशीनरी और टूल्स (SMEs)
पंजाब की छोटी और मझोली इकाइयां (MSMEs), जो ऑटो पार्ट्स और हैंड टूल्स बनाती हैं, उन्हें जर्मनी और इटली जैसे देशों में बड़ा बाजार मिलेगा। यूरोप की हाई-टेक मशीनों की तकनीक भी अब पंजाब के उद्योगों तक आसानी से पहुंच सकेगी।
‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ सिर्फ एक कागजी समझौता नहीं, बल्कि पंजाब के खेतों से लेकर लुधियाना की फैक्ट्रियों तक खुशहाली लाने वाला रोडमैप है। अब देखना यह है कि राज्य के निर्यातक इस सुनहरे अवसर का लाभ कितनी जल्दी उठा पाते हैं।



