गरीब-भूमिहीन परिवारों पर बुलडोजर चलाने के बजाय 5 डिसमिल जमीन का बासगीत पर्चा दे सरकार, मनरेगा खत्म कर गरीबों को धोखा दे रही केंद्र: भाकपा-माले
खानपुर प्रखंड एवं अंचल मुख्यालय पर स्थानीय ज्वलंत जन-समस्याओं को लेकर भाकपा (माले) और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के बैनर तले दो दिवसीय सत्याग्रह और उपवास कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य भूमिहीनों को आवास का अधिकार, मनरेगा की बहाली और गरीबों को उनका वाजिब हक दिलाना है।

सरकार गरीबों को उजाड़ना बंद करे
भाकपा-माले की जिला स्थायी समिति के सदस्य फूलबाबू सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा-जदयू की सम्राट चौधरी वाली सरकार गरीबों को महज एक डिसमिल जमीन का पर्चा देकर सरकारी जमीन पर बसे भूमिहीनों को उजाड़ने की साजिश रच रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बुलडोजर चलाने के बजाय सभी गरीबों को बसने के लिए पांच डिसमिल जमीन का ‘बासगीत पर्चा’ देने की गारंटी की जाए।
मनरेगा खत्म करना मोदी सरकार का धोखा
खेग्रामस के जिला सचिव जीबछ पासवान ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर गरीबों के साथ बड़ा धोखा किया है। उनका आरोप है कि नए कानूनों के तहत मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है, इसलिए मनरेगा को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।
सत्याग्रह की प्रमुख मांगें
- अंचल के भोरेजयराम पंचायत (दलित कॉलोनी), पुरोषत्तमपुर अन्नु (मिल्की महादलित बस्ती), और रेबड़ा पंचायत सहित सभी ग्रामीण भूमिहीनों को पीपी एक्ट 1947 के तहत वासगीत पर्चा और 5 डिसमिल जमीन दी जाए। गरीबों के लिए आवासीय कॉलोनी बने और इंदिरा आवास निर्माण की राशि 5 लाख रुपये की जाए।
- राशन सूची से गरीबों के नाम काटने का आदेश वापस हो, सभी को राशन कार्ड मिले और बिहार सरकार कुपोषण रोकने के लिए अपने बजट से दाल उपलब्ध कराए।
- मनरेगा को बहाल कर काम का उचित दाम मिले और अकुशल मजदूरों के लिए 700 रुपये न्यूनतम दैनिक मजदूरी घोषित हो।
- प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार गारंटी के लिए विशेष कानून बने।
- गांव के मजदूर-किसानों से पानी, सफाई और होल्डिंग टैक्स की वसूली तत्काल बंद की जाए।
- सभी वृद्धों, दिव्यांगों और विधवाओं को 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
- शिक्षा का निजीकरण रोककर सरकारी विद्यालयों को नवोदय विद्यालय के स्तर पर विकसित किया जाए।
- अनुसूचित जाति/जनजाति की तर्ज पर अति पिछड़ी जातियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी कानून बनाया जाए।
इस सत्याग्रह कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा-माले के प्रखंड सचिव रामविनय पासवान ने की, जबकि संचालन रामनाथ साह ने किया। मौके पर पूर्व प्रखंड सचिव सत्यनारायण महतो, पांचू राम, मनोज पासवान, बृजू पासवान, हीरा देवी, दीपक राम, मुकेश सदा, शंकर पासवान, राहुल राय, राम कुमार राय, लक्ष्मण कुमार, बुधन महतो, राज कुमार शर्मा, जितेन्द्र कुमार कुशवाहा, कुशेश्वर पासवान, लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, सकीला देवी और दुखनी देवी सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



