समस्तीपुर में भूमाफियाओं का आतंक: अपनी ही जमीन पर कब्जे के लिए 25 खरीदारों से रंगदारी की मांग, डीएम से लगाई न्याय की गुहार
समस्तीपुर। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित जितवारपुर चौथ गांव में भूमाफियाओं का दुस्साहस एक बार फिर सामने आया है। यहां अपनी गाढ़ी कमाई से जमीन खरीदने वाले लोग अब अपनी ही संपत्ति पर कब्जा पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आरोप है कि स्थानीय दबंग और भूमाफिया जमीन मालिकों व खरीदारों से जबरन ‘रंगदारी टैक्स’ की मांग कर रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विवाद के केंद्र में वह जमीन है जिसे मूल भू-स्वामी विरेन्द्र मोहन शर्मा ने विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से कुल 25 लोगों को बेचा है। इन सभी 25 खरीदारों के पास जमीन के वैध और पुख्ता कागजात मौजूद हैं।
इसके बावजूद, जब भी ये खरीदार अपनी जमीन पर कब्जा करने पहुंचते हैं, तो कुछ दबंग किस्म के लोग खुद को उस जमीन का मालिक बताते हुए वहां आ धमकते हैं और उन्हें जमीन पर जाने से रोक देते हैं।
भूमाफियाओं की दबंगई और अवैध मांगें
पीड़ितों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, जो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाते हैं:
- ‘रंगदारी टैक्स’ की वसूली: भूमाफिया जमीन पर कब्जा देने के एवज में खरीदारों से खुलेआम रंगदारी मांग रहे हैं।
- कब्जे पर रोक: जो भी व्यक्ति इस अवैध मांग का विरोध करता है या पैसे देने से इनकार करता है, उसे जमीन पर टपने तक नहीं दिया जाता।
- दोबारा रजिस्ट्री का दबाव: दबंगई का आलम यह है कि भूमाफिया उसी जमीन को अपनी बताकर, खरीदारों पर गैरकानूनी तरीके से दोबारा रजिस्ट्री कराने का दबाव भी बना रहे हैं।
25 खरीदारों ने जिलाधिकारी (DM) को सौंपा ज्ञापन
भूमाफियाओं की इस प्रताड़ना से आजिज आकर सभी 25 खरीदारों ने एकजुट होकर समस्तीपुर के जिलाधिकारी का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ितों ने डीएम को एक संयुक्त आवेदन सौंपकर प्रशासन से गुहार लगाई है। आवेदन में मुख्य रूप से निम्न मांगें की गई हैं:
- खरीदारों को उनकी वैध जमीन पर शांतिपूर्ण कब्जा दिलाया जाए।
- कानून को हाथ में लेने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- पीड़ित परिवारों और खरीदारों को जान-माल की सुरक्षा प्रदान की जाए।
प्रशासन की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में भूमाफियाओं का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।
विवादित रहा है जमीन का इतिहास
आपको बता दें कि यह मामला कोई नया नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में उक्त विवादित जमीन को लेकर कई बार आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है।
अब पूरे इलाके की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर और संवेदनशील मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और अपनी ही जमीन के लिए तरस रहे इन 25 पीड़ितों को कब तक न्याय मिल पाता है।



