Milk Price Hike: दूध के दामों में फिर लगी आग: अमूल-मदर डेयरी ने बढ़ाए रेट, आपकी रसोई का बिगड़ने वाला है बजट
Milk Price Hike: महंगाई की मार झेल रही आम जनता को आज सुबह एक और बड़ा झटका लगा है। देश की दो सबसे प्रमुख डेयरी कंपनियों अमूल (Amul) और मदर डेयरी (Mother Dairy) ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया है। गुरुवार से लागू हुई इन नई दरों का असर अब सीधे आम आदमी की रसोई और जेब पर पड़ने वाला है।

दूध महंगा होने से न सिर्फ आपकी सुबह की चाय की चुस्की महंगी हुई है, बल्कि दही, पनीर, घी और मिठाइयों का स्वाद भी अब महंगा पड़ने वाला है।
अब कितना चुकाना होगा? कंपनियों द्वारा जारी नई लिस्ट के अनुसार, आज से आपको एक लीटर दूध के लिए ये कीमतें चुकानी होंगी:
- फुल क्रीम दूध (Full Cream): ₹70 से बढ़कर अब ₹72 प्रति लीटर हो गया है।
- गाय का दूध (Cow Milk): ₹60 से बढ़कर ₹62 प्रति लीटर हो गया है।
- टोंड दूध (Toned Milk): ₹58 की जगह अब ₹60 प्रति लीटर मिलेगा।
- डबल टोंड दूध (Double Toned): ₹52 की जगह अब ₹54 प्रति लीटर मिलेगा।
- भैंस का दूध (Buffalo Milk): इसकी कीमतों में ₹4 की सबसे बड़ी उछाल आई है और यह ₹76 से बढ़कर ₹80 प्रति लीटर हो गया है।
डेयरी उत्पादों और मिठाइयों पर पड़ेगा ‘चेन रिएक्शन’ दूध एक ऐसा कच्चा माल है जिस पर पूरा डेयरी और मिष्ठान उद्योग निर्भर करता है। बाजार के जानकारों का कहना है कि दूध के दाम बढ़ने का सीधा असर (Ripple Effect) अगले एक हफ्ते के भीतर खुले बाजार में दिखने लगेगा। खुले पनीर, पैकेटबंद दही, छाछ और मक्खन के दामों में उछाल आना तय माना जा रहा है। इसके अलावा, घी बनाने में दूध की सबसे ज्यादा खपत होती है, इसलिए घी और मावे से बनने वाली मिठाइयां भी जल्द ही महंगी हो जाएंगी।
कंपनियों ने क्यों बढ़ाए दाम? अमूल और मदर डेयरी ने इस बढ़ोतरी के पीछे बढ़ती उत्पादन और परिचालन लागत का हवाला दिया है:
- चारा और ट्रांसपोर्ट महंगा: कंपनियों का तर्क है कि पिछले एक साल में पशुओं के चारे और ट्रांसपोर्टेशन (ईंधन) की लागत काफी बढ़ गई है।
- किसानों को ज्यादा पैसा: मदर डेयरी का कहना है कि उन्होंने दूध उत्पादक किसानों को दिए जाने वाले खरीद मूल्य में लगभग 6% की वृद्धि की है, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
- कंपनियों के मुताबिक, उपभोक्ता जो पैसा देते हैं, उसका लगभग 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे किसानों के खाते में वापस जाता है।
आम आदमी की बढ़ी चिंता देश में पहले से ही खाद्य महंगाई (Food Inflation) 4% के आंकड़े को पार कर चुकी है। पिछले 13 महीनों में दूध की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। रसोई गैस, सब्जियों और अब दूध-दही जैसी रोजमर्रा की बुनियादी चीजों के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह से चरमरा गया है।



