महज 6 महीने में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नई सड़क, ओवरलोडेड गाड़ी गुजरते ही टुकड़ों में बंटी
उजियारपुर: विकास और सुशासन के दावों के बीच उजियारपुर प्रखंड के लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत में सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। पंचायत के वार्ड संख्या 03 से होकर गुजरने वाली और गांवपुर को मुसरीघरारी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क महज छह महीने के भीतर ही चकनाचूर हो गई है। विधानसभा चुनाव के समय स्थानीय विधायक द्वारा बनवाई गई इस सड़क की वर्तमान दुर्दशा निर्माण कार्य में हुई लूट-खसोट और घटिया सामग्री के इस्तेमाल की पोल खोल रही है।

राशन लदी पिकअप गुजरते ही धंसा 10 फीट का हिस्सा
स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वार्ड नंबर 03 में स्थित विश्वकर्मा मंदिर और पीडीएस डीलर की दुकान के समीप से जब राशन वितरण के चावल से लदी एक ओवरलोडेड पिकअप गाड़ी गुजरी, तो पुलिया के ऊपर की सड़क उसका भार नहीं सह सकी।
गाड़ी के गुजरते ही अचानक 10 फीट के दायरे में सड़क ताश के पत्तों की तरह ढह गई और टुकड़ों में तब्दील हो गई। इस दौरान पिकअप गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटते-पलटते बची, जिससे एक बड़ा नुकसान होने से टल गया।
राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें, छोटे वाहनों का निकलना हुआ मुहाल
इस घटना के बाद से पुलिया के ऊपर बनी पीसीसी (PCC) सड़क का 2 फीट का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर बिखर चुका है। मुख्य मार्ग होने के कारण इस सड़क से रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है, लेकिन अब सड़क की इस जर्जर स्थिति के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़े गड्ढों और टूटी सड़क के कारण खासकर छोटी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को यहाँ से पार करना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है।
हादसों को दावत दे रही सड़क, बाल-बाल बचा बाइक सवार
सड़क धंसने के बाद यह जगह अब हादसों को सीधा न्योता दे रही है। घटना के चश्मदीद और स्थानीय निवासी सुनील राम ने बताया कि सड़क की इस अचानक हुई दुर्दशा के कारण हादसे शुरू हो गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इसी टूटे हुए हिस्से की चपेट में आने से एक बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचा है।
महज कुछ ही महीनों में नई सड़क के इस तरह टूट जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम बर्बादी है और इस पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।



