समस्तीपुर में मोबाइल चलाते ट्रैक्टर चालक ने मचाया कहर, बेकाबू ट्रैक्टर घर में घुसा; एक की मौत, पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले से लापरवाही और रफ्तार के कहर की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत आधारपुर गांव में शुक्रवार की सुबह एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर सीधे एक घर में जा घुसा। इस भीषण हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घर में मौजूद अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मोबाइल चलाने के चक्कर में गई जान
घटना शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, एक ट्रैक्टर पश्चिम दिशा से पूर्व की ओर जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शी उमाकांत राम ने बताया कि ट्रैक्टर चालक घोर लापरवाही बरत रहा था। वह एक हाथ से स्टीयरिंग पकड़े हुए था और दूसरे हाथ से मोबाइल चला रहा था।
सड़क पर अचानक एक स्पीड ब्रेकर आ गया। मोबाइल में ध्यान होने के कारण चालक हड़बड़ा गया और ब्रेक लगाने के बजाय उसका पैर गलती से एक्सीलेटर पर चला गया। इसके बाद ट्रैक्टर पूरी तरह बेकाबू हो गया और तेज रफ्तार में सीधे सड़क किनारे स्थित एक मकान को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा।
धर्मेंद्र राम की मौके पर मौत, चालक फरार
इस भयानक हादसे की चपेट में घर के अंदर मौजूद लोग आ गए। घटना में धर्मेंद्र राम नामक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना के तुरंत बाद आरोपी चालक को पकड़ लिया था। लेकिन जब कुछ लोग घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था में लगे थे, उसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।
पुलिस की कार्यशैली पर ग्रामीणों का आक्रोश
हादसे के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि घटना की सूचना देने के बावजूद मौके पर पहुंची पुलिस ने कोई ठोस या त्वरित कार्रवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का रवैया टालमटोल वाला रहा और वह मीडिया के सामने भी कुछ भी बोलने से परहेज करती नजर आई।
मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद से गांव में मातम और गुस्सा दोनों है। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार ट्रैक्टर चालक की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, लेकिन पुलिस की शुरुआती सुस्ती से लोगों में नाराजगी बरकरार है।



