पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों (TRE 4.0) पर लाठीचार्ज: राजद विधायक आलोक मेहता ने की कड़ी निंदा, कहा- ‘यह लोकतंत्र की हत्या’
बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) की अधिसूचना (Notification) जारी करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक और पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने पुलिस की इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

संवाद के बजाय लाठियों का सहारा ले रही सरकार
राजद नेता आलोक मेहता ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अपने भविष्य को लेकर बेहद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन राज्य सरकार ने उनसे संवाद स्थापित करने के बजाय उन पर बर्बरता से लाठियां बरसाईं। मेहता ने इसे युवाओं की आवाज दबाने वाली एक क्रूर और दमनकारी कार्रवाई बताया है।
लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलना दुर्भाग्यपूर्ण
पूर्व मंत्री ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में पुलिस बल के सहारे किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने की कोशिश करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, निराशाजनक और निंदनीय है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का पूरा अधिकार है।
राजद विधायक आलोक मेहता की सरकार से 2 प्रमुख मांगें:
आलोक कुमार मेहता ने राज्य सरकार से छात्रों के हित में तुरंत कदम उठाने की अपील करते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- घायलों का मुफ्त इलाज: पुलिस लाठीचार्ज में घायल हुए सभी छात्रों और अभ्यर्थियों का सरकार द्वारा समुचित और मुफ्त इलाज कराया जाए।
- TRE-4 नोटिफिकेशन जल्द जारी हो: छात्रों की मुख्य मांग को संज्ञान में लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) की अधिसूचना बिना किसी देरी के जल्द से जल्द जारी की जाए।
यह घटना बिहार में रोजगार और शिक्षक बहाली (Bihar Teacher Recruitment) के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज करती नजर आ रही है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा।



