एक साल तक न खरीदें सोना… पीएम मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील, जानें इसके पीछे का आर्थिक गणित और बाजार पर असर
दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और मंडराते आर्थिक संकट के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बेहद अहम अपील की है। रविवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे देशहित में अगले एक साल तक शादियों या अन्य समारोहों के लिए सोने की खरीदारी को टाल दें।

प्रधानमंत्री ने इस कदम को ‘राष्ट्रीय कर्तव्य’ बताते हुए स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) बचाना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आखिर क्यों की गई सोना न खरीदने की अपील?
इस अपील के पीछे सीधा सा आर्थिक गणित है, जो अंतरराष्ट्रीय संकट और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ा है:
- विदेशी मुद्रा की बचत: भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है। वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे देश का आयात बिल तेजी से बढ़ रहा है और विदेशी मुद्रा (डॉलर) का भारी खर्च हो रहा है।
- आयात बिल पर दबाव: कच्चे तेल की तरह ही, भारत दुनिया में सोने के सबसे बड़े आयातकों में से एक है। देश में सोने की मांग पूरी करने के लिए भारी मात्रा में डॉलर विदेश जाता है। पीएम मोदी का संदेश है कि यदि हम कुछ समय के लिए सोने की खरीदारी टालते हैं, तो वह विदेशी मुद्रा बचेगी, जिसका इस्तेमाल महंगे कच्चे तेल और राष्ट्र की अन्य बुनियादी जरूरतों के लिए किया जा सकेगा।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पीएम के अन्य सुझाव:
सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बचाने और अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से कुछ और महत्वपूर्ण कदम उठाने का आग्रह किया:
- ईंधन की बचत: पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए लोगों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work from Home), ऑनलाइन मीटिंग्स, कारपूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा गया है।
- विदेशी दौरों से परहेज: मध्यवर्ग से अपील की गई है कि वे कम से कम एक साल तक विदेशी छुट्टियों और विदेशों में ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ करने से बचें। इसके बजाय देश के भीतर ही पर्यटन को बढ़ावा दें ताकि देश का पैसा देश में ही रहे।
- वोकल फॉर लोकल: रोजमर्रा की जरूरतों (जैसे कपड़े, जूते, बैग) के लिए ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को प्राथमिकता देने, खाद्य तेल का सीमित उपयोग करने और किसानों से रासायनिक खादों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की गई।
शेयर बाजार में दिखा तत्काल असर
पीएम मोदी की इस अपील का सीधा असर घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिला। बाजार खुलते ही आभूषण क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। टाइटन (Titan), कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers), सेंको गोल्ड (Senco Gold) और स्काई गोल्ड जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 6% से 12% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने इस अपील को आभूषण बाजार की आगामी मांग में कमी के संकेत के रूप में लिया है।
प्रधानमंत्री की यह अपील इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वैश्विक संकट के इस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार के साथ-साथ हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। सोने की खरीदारी टालना और ईंधन बचाना, संकट के समय में राष्ट्र के प्रति एक बड़ा योगदान साबित हो सकता है।



