बिहार में ‘फार्मर रजिस्ट्री महाभियान’ शुरू: किसानों को मिलेगी डिजिटल आईडी, जानें कैसे मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ
बिहार के किसानों के सशक्तिकरण और उन्हें बिचौलियों से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कृषि विभाग ने राज्य भर के किसानों को एक नई और सुरक्षित पहचान देने के लिए “फार्मर रजिस्ट्री” (Farmer Registry) नामक एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पूरी पारदर्शिता लाना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों की जेब तक पहुंचाना है।

अभियान की महत्वपूर्ण तारीखें
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह विशेष पंजीकरण अभियान 12 मई 2026 से शुरू हो चुका है और 30 जून 2026 तक चलेगा। कृषि विभाग ने राज्य के सभी छोटे, सीमांत और बड़े किसानों से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पंजीकरण अवश्य करा लें ताकि भविष्य में वे किसी भी सरकारी योजना के लाभ से वंचित न रहें।
क्या है डिजिटल फार्मर आईडी?
इस महाभियान के तहत पंजीकरण कराने वाले प्रत्येक किसान को सरकार की ओर से एक विशेष ‘डिजिटल फार्मर आईडी’ (Digital Farmer ID) जारी की जाएगी। यह आईडी किसान के आधार और जमीन के विवरण से जुड़ी होगी, जो भविष्य में किसान की एकमात्र और प्रामाणिक पहचान के रूप में काम करेगी।
किसानों को होंगे ये बड़े फायदे:
इस नई व्यवस्था के लागू होने से राज्य के किसानों को कई प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे:
- पारदर्शिता और सीधा लाभ (DBT): बीज, खाद, कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी और सूखा/बाढ़ राहत का पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचेगा।
- योजनाओं तक आसान पहुँच: इस एक आईडी की मदद से किसान कृषि विभाग की सभी मौजूदा और आगामी योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे।
- कागजी झंझटों से मुक्ति: बार-बार जमीन की रसीद, एलपीसी (LPC) या पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा करने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी।
- फसल की बिक्री में आसानी: पैक्स (PACS) या सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बेचते समय इस आईडी से पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो जाएगी।
प्रशासन की किसानों से अपील
राज्य सरकार ने पंचायत स्तर पर किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों और कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC) को इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने किसान बंधुओं से विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने नजदीकी वसुधा केंद्र (CSC) या कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से 30 जून 2026 से पहले अपनी ‘फार्मर रजिस्ट्री’ की प्रक्रिया को पूरा कर लें।



