समस्तीपुर में ‘खाकी’ बेपरवाह: आधी रात घर में घुसकर मां-बेटी से दरिंदगी की कोशिश, न्याय के लिए दर-दर भटक रही पीड़िता, उजियारपुर पुलिस मौन
समस्तीपुर/उजियारपुर: बिहार में महिला सुरक्षा के दावों की जमीनी हकीकत क्या है, इसका एक जीता-जागता और शर्मनाक उदाहरण समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ एक मनबढ़ू पड़ोसी ने आधी रात को घर में घुसकर सो रही मां और उसकी 10 वर्षीय मासूम बेटी के साथ छेड़छाड़ की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

हैरत और आक्रोश की बात यह है कि घटना की नामजद लिखित शिकायत देने के बावजूद उजियारपुर पुलिस कुंभकर्णी नींद में सोई है। पीड़िता न्याय के लिए लगातार थाने की चौखट पर रगड़ रही है, लेकिन अब तक आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त आवेदन के अनुसार, उजियारपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सैदपुर जाहिद (वार्ड नं. 04) की रहने वाली 40 वर्षीय नाजो खातून (पति- मो. आजाद) ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया है कि दिनांक 19 मई 2026 (मंगलवार) की रात वह अपनी 10 वर्षीय नाबालिग बेटी हुस्ना खातून के साथ अपने घर की मड़ैया में खटिया पर सो रही थीं। रात करीब 12 बजे उन्हें अपने शरीर पर अजीब सी सरसराहट महसूस हुई। जब उनकी नींद खुली, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने देखा कि उनके ही पड़ोस का 48 वर्षीय मो. नाज (पिता- मो. सालीह) उनकी खटिया पर बैठा है और उनके साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ कर रहा है।
मासूम बेटी को भी नहीं बख्शा, दी अपहरण की धमकी
पीड़िता जब घबराकर खटिया से नीचे उतरी, तो आरोपी मो. नाज ने उसे जबरन पकड़ लिया। इसी बीच, शोर और हलचल सुनकर जब 10 साल की मासूम बेटी की नींद खुली, तो उस दरिंदे ने बच्ची को भी गलत नीयत से दबोच लिया और उसके साथ भी छेड़छाड़ करने लगा।
जब पीड़िता ने अपनी और अपनी बेटी की अस्मत बचाने के लिए शोर मचाया, तो आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ, लेकिन जाते-जाते वह यह खौफनाक धमकी दे गया कि “अगर मेरे बारे में किसी को कुछ बताया, तो तेरी बेटी को घर से उठा लेंगे।”
लंबे समय से परेशान कर रहा था आरोपी, ‘लोक-लाज’ के कारण चुप थी पीड़िता
आवेदन में यह चौंकाने वाला खुलासा भी किया गया है कि आरोपी मो. नाज एक मनबढ़ू और दबंग किस्म का व्यक्ति है। वह अक्सर आधी रात को पीड़िता के घर के चक्कर लगाता था और रास्ते में उसे अकेली पाकर अश्लील बातें और गंदे इशारे करता था। समाज में ‘लोक-लाज’ के डर से पीड़िता अब तक यह बात किसी से कह नहीं पा रही थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने घर में घुसकर इस दुस्साहस को अंजाम दिया।
थाने के चक्कर काट रही पीड़िता, उजियारपुर पुलिस की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल उजियारपुर थाने की कार्यशैली पर उठ रहा है। आवेदन पर ‘कांड संख्या 202/26’ दर्ज होने के निशान तो दिख रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्रवाई शून्य है। वादी अपनी और अपनी बच्ची की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए लगातार उजियारपुर थाने के चक्कर काट रही है, लेकिन पुलिस ने न तो आरोपी को गिरफ्तार किया है और न ही पीड़िता को कोई संतोषजनक जवाब दिया है।
उच्चाधिकारियों से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
आरोपी खुलेआम घूम रहा है और पीड़िता का परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है। उन्हें डर है कि आरोपी किसी भी वक्त उनके साथ कोई बड़ी अप्रिय घटना या जानलेवा हमला कर सकता है।
अब देखना यह है कि क्या समस्तीपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SP) और जिला प्रशासन इस गंभीर मामले का स्वतः संज्ञान लेते हैं? क्या उजियारपुर थाने के लापरवाह रवैये पर कोई कार्रवाई होगी? या फिर एक और मां-बेटी की गुहार पुलिस फाइलों की धूल फांकती रह जाएगी? प्रशासन को तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप कर आरोपी मो. नाज को गिरफ्तार करना चाहिए, अन्यथा किसी बड़ी अनहोनी की जिम्मेदारी सीधे तौर पर उजियारपुर पुलिस की होगी।



