संसद परिसर में विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन: पप्पू यादव बने भगवाधारी पुजारी, राहुल गांधी ने दिया चंदा
संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को लोकसभा परिसर में विपक्षी सांसदों ने एक बेहद ही अलग और नाटकीय अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने ‘चंदा चोरी’ के आरोपों को लेकर एक प्रतीकात्मक नाटक प्रस्तुत किया, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और देखते ही देखते इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पप्पू यादव बने पुजारी, राहुल गांधी ने दिया दान
इस लघु नाटक में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर एक पुजारी की भूमिका में नजर आए। उनके सामने एक दान पात्र रखा गया था, जिसमें प्रतीकात्मक रूप से चंदा लेने की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान वहां अन्य विपक्षी सांसद भी मौजूद थे, तभी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वहां पहुंचे और उन्होंने पुजारी बने पप्पू यादव को चंदा दिया।
चंदा लेकर भागे पप्पू यादव, लगे ‘गद्दी छोड़’ के नारे
नाटक का दिलचस्प मोड़ तब आया जब चंदा लेने के बाद पप्पू यादव वहां से भागने लगे। तुरंत ही वहां मौजूद अन्य विपक्षी सांसदों ने उन्हें रोक लिया और पकड़ लिया। इसी दौरान प्रदर्शन कर रहे सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़” के जोरदार नारे लगाए। इस पूरे घटनाक्रम में समाजवादी पार्टी की मुरादाबाद से सांसद रुचि वीरा भी शामिल रहीं।
राम मंदिर ‘चंदा चोरी’ का है आरोप
विपक्ष ने यह पूरा घटनाक्रम एक सांकेतिक राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया है। विपक्ष पिछले कुछ समय से अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे में चोरी का आरोप लगाते हुए लगातार केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है। कांग्रेस पार्टी ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल से इस घटनाक्रम का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर में “चढ़ावा चोरी” कर देश के करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया गया है।
सपा सांसदों का दानपात्र प्रदर्शन
यह नाटकीय मंचन अचानक नहीं हुआ। दरअसल, समाजवादी पार्टी के सांसद पिछले कुछ दिनों से रोजाना संसद परिसर में प्रतीकात्मक रूप से दान पात्र लेकर पहुंच रहे हैं और इसी मुद्दे को उठा रहे हैं। एक दिन पहले ही सपा सांसद डिंपल यादव भी ऐसा ही दान पात्र लेकर संसद परिसर पहुंची थीं और अन्य सांसदों से चंदा मांगा था। शुक्रवार को इसी विरोध की अगली कड़ी के रूप में इस लघु नाटक का मंचन किया गया।
संसद के मानसून सत्र में पिछले कई दिनों से विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। ऐसे माहौल में विपक्ष का यह ‘चंदा चोरी नाटक’ पारंपरिक नारेबाजी से हटकर अपना विरोध दर्ज कराने का एक नया तरीका था, जिसे देखने के लिए परिसर में मौजूद कई सांसद और मीडियाकर्मी भी जुट गए।



