डॉक्टर या गुंडे? सहरसा सदर अस्पताल में खबर बनाने गए पत्रकार को पीटा, सोशल मीडिया पर वीडियो हुई वाइरल
बिहार के सहरसा स्थित सदर अस्पताल में उस वक्त एक शर्मनाक घटना सामने आई, जब मिड-डे मील खाने से बीमार हुए बच्चों की खबर कवर करने गए एक न्यूज़ चैनल के पत्रकार अभिषेक कुमार पर अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने जानलेवा हमला कर दिया। पत्रकार के साथ न सिर्फ गाली-गलौज और मारपीट की गई, बल्कि उसका सामान भी छीन लिया गया।

कवरेज के दौरान हुआ हमला
घटना उस समय शुरू हुई जब पत्रकार अभिषेक कुमार अस्पताल की आपातकालीन सेवा में भर्ती बीमार बच्चों का वीडियो बनाने के बाद बाहर बरामदे में पीटीसी (PTC) कर रहे थे। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधक सिपी कुमारी ने प्रभारी डॉ. अजीत और डॉ. एसके आजाद से उनकी शिकायत की। इसके बाद दोनों चिकित्सकों ने कवरेज को लेकर पत्रकार के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
पैरा मेडिकल छात्रों का ‘बाउंसर’ की तरह इस्तेमाल
पीड़ित के मुताबिक, घटनास्थल पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद के इशारे पर डॉ. रोशन लाल, डॉ. नीरज कुमार निखिल, कर्मी मो. रफीक और करीब 20-25 पैरा मेडिकल छात्रों की भीड़ बुला ली गई। इन सभी ने पत्रकार के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें जबरन ओटी (ऑपरेशन थियेटर) की तरफ ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया।
वहां उनका गला दबाया गया और बुरी तरह पीटा गया। शिकायत में यह गंभीर बात भी सामने आई है कि अस्पताल के चिकित्सक अक्सर पैरा मेडिकल छात्रों का इस्तेमाल ‘बाउंसर’ के रूप में करते हैं और डॉ. रोशन लाल का रवैया पूर्व में भी विवादों में रहा है।
लूटपाट और तोड़फोड़ का आरोप
हमले के दौरान गुंडागर्दी की हदें पार करते हुए पत्रकार की जेब से करीब 2,500 रुपये नकद, कान का सोने का कुंडल और गले की सोने की चेन छीन ली गई। हमलावरों ने उनका मोबाइल फोन और माइक भी तोड़ दिया। गंभीर चोटें आने के कारण पत्रकार अभिषेक कुमार को श्री नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस से की गई प्रमुख मांगें:
पीड़ित पत्रकार ने सदर थाना पुलिस को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाते हुए कई प्रमुख मांगें की हैं। उन्होंने मांग की है कि नामजद चिकित्सकों, अस्पताल कर्मियों और पैरा मेडिकल छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सदर अस्पताल परिसर और ओटी (ऑपरेशन थियेटर) के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को तत्काल सुरक्षित करने का आग्रह किया गया है। पत्रकार ने पुलिस से यह भी मांग की है कि उनके तोड़े गए मोबाइल व माइक का संज्ञान लिया जाए, छीने गए आभूषण और 2,500 रुपये नकद की जल्द से जल्द बरामदगी हो, तथा उनकी (पीड़ित पत्रकार की) विधिवत चिकित्सकीय (मेडिकल) जांच कराई जाए।



