24 घंटे में ट्रांसफार्मर नहीं बदला तो फूंका जाएगा कार्यपालक अभियंता का पुतला- उजियारपुर में भाकपा माले और ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन
उजियारपुर: उजियारपुर प्रखंड के डढिया मुरियारो पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 12 में पिछले चार दिनों से जले हुए ट्रांसफार्मर और चरमराई बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को भाकपा माले (CPI-ML) और आक्रोशित ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से बिजली विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलने, निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करने और फर्जी बिजली बिलों की जांच की मांग की है।

भीषण गर्मी में पानी के लिए तरस रहे 1000 परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले चार दिनों से ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण पूरे इलाके में अंधेरा छाया हुआ है। इस भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बिजली न होने का सबसे बड़ा खामियाजा पेयजल व्यवस्था को भुगतना पड़ रहा है। ‘नल-जल योजना’ पूरी तरह ठप हो गई है, जिसके चलते वार्ड नंबर 12 से लेकर वार्ड नंबर 15 तक के लगभग एक हजार से ज्यादा परिवारों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
डबल इंजन सरकार की व्यवस्था ध्वस्त: महावीर पोद्दार
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए भाकपा माले के वरीय नेता महावीर पोद्दार ने प्रशासन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “24 घंटे में जला ट्रांसफार्मर बदलने का दावा करने वाली बिहार की डबल इंजन सरकार की बिजली व्यवस्था जमीनी स्तर पर पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जनता भीषण गर्मी और जल संकट से जूझ रही है, लेकिन अधिकारी मौन हैं।”
उन्होंने बिजली विभाग को अल्टीमेटम देते हुए ऐलान किया कि यदि अगले 24 घंटे के अंदर वार्ड 12 का जला ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया, तो आक्रोशित जनता बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता का पुतला दहन करेगी। इसके साथ ही स्टेट हाईवे (SH) 55 को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया जाएगा। इस चक्का जाम और विधि-व्यवस्था बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
लिखित शिकायत के बाद भी विभाग बेपरवाह
मौके पर मौजूद वार्ड सदस्य सह भाकपा माले शाखा सचिव अमरजीत पासवान ने विभाग की लापरवाही उजागर करते हुए बताया कि ट्रांसफार्मर जलने की लिखित सूचना बिजली विभाग के सभी संबंधित पदाधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई पहल नहीं की गई है और समस्या जस की तस बनी हुई है।
इस विरोध प्रदर्शन में रिंकू देवी, सुजीत कुमार, रीमा देवी, रौशन कुमार, कविता देवी, शिवभगत, कृष्णा देवी, दिलीप पासवान, सुनैना देवी, राम जीनिस पासवान, धीरज कुमार और अमर पासवान सहित सैकड़ों की संख्या में त्रस्त ग्रामीण शामिल हुए।



