बिहार में बाढ़ त्रासदी: सरकार स्थायी समाधान में विफल – राजद
समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने बिहार में बाढ़ की विकराल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। दिनांक 7 सितंबर 2026 को दिए गए अपने बयान में उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि दशकों पुरानी इस समस्या का स्थायी निदान निकालने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

लाखों लोग बेघर और दर्जनों जिले चपेट में
बाढ़ की जमीनी हकीकत का जिक्र करते हुए राजद प्रवक्ता ने बताया कि समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड सहित बिहार के एक दर्जन से अधिक जिले इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य के लगभग 50 से अधिक प्रखंडों में पानी भर जाने के कारण लाखों लोग बेघर हो गए हैं और विकट परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
सरकार सिर्फ हवाई सर्वेक्षण तक सीमित
राकेश ठाकुर ने सरकार की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि हर साल जनता की गाढ़ी कमाई बाढ़ के पानी में बह जाती है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग सिर्फ हवाई सर्वेक्षण करके अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस त्रासदी का अब स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, जिसके प्रति वर्तमान सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं दिख रही है।
ठोस नीति और राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
राहत और बचाव कार्यों को लेकर उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि नेपाल से निकलने वाली नदियों पर उच्च स्तरीय बांध बनाए जाएं और नदियों की गाद (सिल्ट) सफाई के लिए अविलंब ठोस नीति बने। इसके साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित कर विशेष पैकेज देने की मांग की है, ताकि प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य, सामुदायिक किचन और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।



