उजियारपुर: नाजिरपुर फर्जी मुकदमे के विरोध में भाकपा-माले ने फूंका थानाध्यक्ष का पुतला, दी अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल की चेतावनी
उजियारपुर प्रखंड के नाजिरपुर में निर्दोष युवाओं पर कथित फर्जी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने के विरोध में गुरुवार को भाकपा-माले ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ नाजिरपुर हाट पर उजियारपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह का पुतला फूंका और एक विशाल प्रतिरोध सभा का आयोजन किया। जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पुलिसिया कार्रवाई का विरोध और मुख्य मांगें:
नाजिरपुर घटना: नेताओं ने आरोप लगाया कि 27 अगस्त को बोलबम सेवा से लौट रहे युवाओं पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की। इसके बाद उजियारपुर थाना कांड संख्या-323/26 के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को जेल भेज दिया गया और अन्य निर्दोषों को तंग किया जा रहा है।
थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी की मांग: माले नेता फूलबाबू सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह के भ्रष्ट आचरण से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को परेशान कर फर्जी मुकदमों में फंसाया जाता है और फिर मोटी रकम लेकर मामला रफा-दफा किया जाता है। उन्होंने दोषी थानाध्यक्ष को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
भूख-हड़ताल की चेतावनी: किसान महासभा के जिला अध्यक्ष महावीर पोद्दार ने अल्टीमेटम दिया कि यदि उजियारपुर थाने द्वारा दर्ज फर्जी मुकदमा 323/26 और 297/26 को वापस नहीं लिया गया, तो अगले 15 दिनों में उजियारपुर थाने पर अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल और उग्र प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
दलसिंहसराय दुष्कर्म मामले में न्याय की गुहार
इस सभा में उजियारपुर के मुद्दों के साथ-साथ दलसिंहसराय थाने में दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे (कांड संख्या 417/26) का भी मुद्दा उठाया गया। पार्टी ने मांग की है कि इस मामले के अभियुक्तों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित नाबालिग लड़की को न्याय की पूरी गारंटी दी जाए।
सभा का नेतृत्व और उपस्थिति:
इस प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता प्रखंड कमेटी सदस्य हेमंत कुमार सिंह ने की। पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के दौरान गंगा प्रसाद पासवान (प्रखंड सचिव), रोहित कुमार पासवान (छात्र नेता), राहुल राय (आरवाईए के प्रखंड सचिव), रामप्रीत सिंह (उप-सरपंच) ने सभा को संबोधित किया।
अन्य प्रमुख उपस्थित सदस्य:
अशोक कुमार सिंह, मनोज राम, राम सुरेश सिंह, सुन्देश्वर सिंह, रामबली सिंह, अर्जुन दास, मो. फरमान, बुलबुल सहनी, पप्पू यादव, विपिन कुमार राम, मो. सकूर, मणिमाला देवी, सविता देवी, और प्रमिला देवी सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।



