बिहार के कंटेंट क्रिएटर्स के लिए खुशखबरी: 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे 10 हजार और 10 लाख व्यूज पर 1 लाख रुपये, लेकिन पूरी करनी होंगी ये शर्तें।
पटना: अगर आप बिहार में रहते हैं और यूट्यूब, फेसबुक या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रील और वीडियो बनाते हैं, तो आपके लिए एक बेहद शानदार खबर है। बिहार सरकार ने राज्य के यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक नई योजना को मंजूरी दी है। अब क्रिएटर्स सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करके अपने व्यूज के हिसाब से बंपर कमाई कर सकते हैं।

इस योजना के तहत क्रिएटर्स एक वीडियो से अधिकतम 1 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। हालांकि, इस सरकारी प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाने के लिए क्रिएटर्स को कुछ विशेष नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।
बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में 19 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया क्रिएटर्स को सरकारी योजनाओं के प्रचार के एवज में पैसे देने की नीति (बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली-2026) को मंजूरी दी गई। इस फैसले की आधिकारिक जानकारी कैबिनेट बैठक के बाद दी गई।
क्या है भुगतान का स्ट्रक्चर?
सरकार द्वारा लाई गई इस ‘बिहार सोशल मीडिया पॉलिसी’ के तहत क्रिएटर्स को उनके वीडियो पर आने वाले व्यूज के आधार पर पैसे दिए जाएंगे:
- 1 लाख व्यूज पर: क्रिएटर को 10,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा।
- 10 लाख व्यूज पर: अगर वीडियो 10 लाख (1 मिलियन) या उससे अधिक व्यूज हासिल कर लेता है, तो क्रिएटर को अधिकतम 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
हर वायरल वीडियो पर नहीं मिलेंगे पैसे, ये हैं 4 अहम शर्तें:
अगर आपको लग रहा है कि आपके किसी भी कॉमेडी, डांस या निजी व्लॉग के वायरल होने पर सरकार आपको पैसे देगी, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा:
- आईपीआरडी (IPRD) में रजिस्ट्रेशन: सबसे अहम शर्त यह है कि कंटेंट क्रिएटर को बिहार सरकार के ‘सूचना एवं जनसंपर्क विभाग’ (IPRD) के साथ खुद को सूचीबद्ध (Empanel) कराना होगा। इसके लिए क्रिएटर्स को अपने सोशल मीडिया हैंडल, चैनल और फॉलोअर्स की पूरी जानकारी विभाग को देनी होगी।
- कंटेंट की कैटेगरी: पैसे केवल उन्हीं वीडियो पर मिलेंगे जो बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों पर आधारित होंगे। साथ ही, वीडियो बनाने से पहले संबंधित विभाग की अनुमति या दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
- व्यूज और फॉलोअर्स का वेरिफिकेशन: फर्जी व्यूज और बॉट्स (Bots) के जरिए रातों-रात व्यूज बढ़ाने वालों पर सरकार की पैनी नजर रहेगी। भुगतान से पहले व्यूज का आधिकारिक रूप से सत्यापन (Verification) किया जाएगा। इसके अलावा, सरकार समय-समय पर क्रिएटर्स के पेज और चैनल के फॉलोअर्स की असलियत की जांच भी करेगी।
- सरकार की पॉलिसी का पालन: वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और जानकारी सरकार की कंटेंट पॉलिसी के अनुरूप होनी चाहिए। भ्रामक या गलत जानकारी देने वाले क्रिएटर्स को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
योजना लाने के पीछे सरकार का क्या है मकसद?
आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया की पहुंच गांव-गांव तक हो गई है। बिहार सरकार का मुख्य उद्देश्य इसी डिजिटल ताकत का इस्तेमाल करके अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सरकार मानती है कि स्थानीय क्रिएटर्स के जरिए योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक उनकी ही भाषा और अंदाज में ज्यादा प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकती है।
कैसे करें आवेदन?
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको थोड़ा इंतजार करना होगा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) जल्द ही एक विस्तृत नोटिफिकेशन जारी करने वाला है। इस आधिकारिक अधिसूचना में क्रिएटर्स के लिए योग्यता, आवेदन की प्रक्रिया और अन्य तकनीकी जानकारी विस्तार से बताई जाएगी।
बिहार के उन युवाओं के लिए यह योजना एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। अब वे अपनी रचनात्मकता से न केवल पैसे कमा सकेंगे, बल्कि राज्य के विकास और जागरूकता में भी अपनी भागीदारी निभा सकेंगे।



