प्रमिला नर्सिंग कॉलेज छात्रों का बवाल: परीक्षा में 80% छात्रों को फेल करने के आरोप में NH-122 जाम, संस्थान के खिलाफ भारी प्रदर्शन
समस्तीपुर/उजियारपुर: समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सातनपुर बहिरा चौर स्थित प्रमिला आधार नर्सिंग इंस्टीट्यूट के छात्रों ने सोमवार, 24 अगस्त को परीक्षा परिणाम से आक्रोशित होकर जमकर हंगामा किया। प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों ने दोपहर करीब 12:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-122) को जाम कर दिया और संस्थान प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

छात्रों के मुख्य आरोप और शिकायतें
सड़क पर उतरे नर्सिंग छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रों का दावा है कि परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद लगभग 80% छात्रों को फेल कर दिया गया है। नर्सिंग कोर्स के लिए छात्रों से लगभग 7 लाख रुपये की मोटी फीस वसूली जाती है। छात्रों का आरोप है कि योग्य शिक्षकों की कमी के कारण GNM के सीनियर छात्रों को बुलाकर जूनियर की क्लास करवाई जाती है।
यातायात ठप और प्रशासन की कार्रवाई
आक्रोशित छात्रों के सड़क पर उतरने से NH-122 पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति बिगड़ती देख डायल-112 की टीम और उजियारपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और यातायात बहाल कराने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। घंटों की कड़ी मशक्कत और प्रशासन द्वारा समस्या के समाधान का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया और सड़क जाम खुलवाया।
छात्रों की प्रमुख मांगें
- पुनर्मूल्यांकन: सभी असफल छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- प्रबंधन का स्पष्टीकरण: संस्थान प्रबंधन सामने आए और परीक्षा परिणामों की गड़बड़ी पर स्पष्ट जवाब दे।
- समाधान नहीं तो आंदोलन: छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द और उचित समाधान नहीं हुआ, तो वे अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।
समस्तीपुर जिले में नर्सिंग छात्रों के परीक्षा परिणामों को लेकर यह कोई इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग निजी नर्सिंग संस्थानों के छात्रों ने भी परीक्षा में कम अंक आने या फेल किए जाने को लेकर सड़क से लेकर कॉलेज परिसर तक इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किए हैं।
(नोट: छात्रों द्वारा प्रमिला आधार नर्सिंग इंस्टीट्यूट प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले का अंतिम समाधान छात्रों और प्रबंधन के बीच होने वाली बातचीत पर निर्भर करेगा।)



