JDU ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, जानें वजह
बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में की गई है।

क्या है पूरा मामला?
हाल ही में बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनाव संपन्न हुए, जिनमें पटना स्नातक क्षेत्र की सीट भी शामिल थी। इस चुनाव में JDU ने नीरज कुमार को अपना प्रत्याशी बनाया था। हालांकि, आरोप है कि JDU विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन करने के बजाय जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के लिए चुनाव प्रचार किया।
बताया जा रहा है कि अनंत सिंह न केवल अनुज सिंह की नामांकन यात्रा में शामिल हुए, बल्कि उनकी जीत की खुशी में मिठाइयां भी बंटवा रहे थे और जीत का दावा कर रहे थे। इसी क्रम में JDU नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अनंत सिंह और नीरज कुमार की पुरानी अदावत
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कोई नई बात नहीं है। दोनों नेताओं के बीच साल 2015 से ही कटुता चली आ रही है। उस समय नीतीश कुमार ने अनंत सिंह का टिकट काटकर नीरज कुमार को प्रत्याशी बनाया था। इसके जवाब में अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा और नीरज कुमार को मात दी।
इस जीत के बाद से अनंत सिंह का नाम मोकामा विधानसभा सीट से मजबूती से जुड़ गया। पिछले विधानसभा चुनाव में हत्या के आरोप में जेल में बंद होने के बावजूद उन्होंने इस सीट से शानदार जीत दर्ज की थी।
आगे क्या?
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बाहुबली नेता के रूप में जाने जाने वाले अनंत सिंह का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है और मोकामा की राजनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है। JDU की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।




