बिहार MLC चुनाव: सीए आदित्य कुमार झा ने किया पुरानी पेंशन और 7वें वेतन आयोग का वादा, कहा- ‘जाति-धर्म से ऊपर उठकर करें वोट’
बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव 2026 को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक प्रेस वार्ता के दौरान, दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार आदित्य कुमार झा ने अपना चुनावी एजेंडा और विजन जनता के सामने रखा। उन्होंने मतदाताओं से उम्मीदवार के व्यक्तित्व, व्यवहार और उनके सामाजिक व शैक्षणिक योगदान को आधार बनाकर वोट करने की अपील की है।

वर्तमान प्रतिनिधि से जनता में आक्रोश
आदित्य कुमार झा ने बताया कि पिछले 7-8 महीनों में उन्होंने कई प्रखंडों, पंचायतों और गांवों का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने पाया कि निवर्तमान प्रतिनिधि के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश और निराशा है। उनके अनुसार, वर्तमान सदस्य लोगों की एक प्रतिशत उम्मीदों पर भी खरे नहीं उतरे हैं, जिसके कारण जनता ने इस बार बदलाव का मन बना लिया है। स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा क्षेत्र में कई समस्याएं मौजूद हैं।
शिक्षा का व्यवसायीकरण और रोजगार का संकट
उन्होंने वर्तमान शिक्षा प्रणाली और रोजगार संकट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जनता की समस्याओं को सुनने और सुलझाने वाला कोई तंत्र मौजूद नहीं है। उन्होंने निजी स्कूलों द्वारा हर साल सिलेबस बदलने की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘शिक्षा का व्यवसायीकरण’ बताया, क्योंकि गणित और विज्ञान जैसे मूल विषय हर राज्य में एक समान होते हैं, फिर भी नई किताबें थोपकर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है जिसका उन्हें विरोध करना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने युवाओं की दयनीय स्थिति पर जोर दिया, जहाँ 85-90% अंक लाने के बावजूद स्नातकों की डिग्री का उचित मूल्यांकन नहीं हो रहा है और वे 10-15 हजार रुपये की नौकरी के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों को रोजगार के लिए दिल्ली-बेंगलुरु जैसे शहरों में पैरवी का सहारा लेना पड़ रहा है।
शिक्षकों के लिए चार सूत्रीय मुख्य एजेंडा
आदित्य कुमार झा ने शिक्षकों और युवाओं के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बताते हुए चार प्रमुख वादे किए हैं:
- पुरानी पेंशन योजना को लागू करवाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
- 7वां वेतन आयोग लागू करवाना।
- शिक्षकों के दूर-दराज के क्षेत्रों में होने वाले तबादलों (बिना उचित स्वास्थ्य और पारिवारिक आवास सुविधाओं के) पर रोक लगाना।
- शिक्षकों और छात्रों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में शामिल करने की अन्यायपूर्ण प्रथा को पूरी तरह से बंद करवाना।
10वीं में फेल होने से लेकर सर्वोच्च डिग्री हासिल करने का सफर
अपनी शैक्षणिक योग्यताओं का जिक्र करते हुए आदित्य कुमार झा ने बताया कि वे चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कॉस्ट अकाउंटेंट और कंपनी सेक्रेटरी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बिना किसी आरक्षण, पैरवी या जुगाड़ के कॉमर्स क्षेत्र की ये सर्वोच्च डिग्रियां एक साथ हासिल की हैं। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने अपनी कहानी साझा की कि कैसे 10वीं कक्षा में फेल होने के बाद उन्होंने इंटरमीडिएट में टॉप किया था।
ब्रेन ड्रेन रोकने और बिहार के विकास पर जोर
उन्होंने बिहार से हो रहे ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) पर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका मानना है कि दुनिया के किसी भी कोने का विकास हो जाए, लेकिन जब तक बिहार के लोग वापस अपने राज्य लौटकर अपने समाज और क्षेत्र के लिए काम नहीं करेंगे, तब तक बिहार का वास्तविक विकास संभव नहीं है। उन्होंने बेरोजगार युवाओं को आश्वस्त किया कि राज्य में अवसरों की कमी जरूर है, लेकिन इन चुनौतियों का समाधान करने का जज्बा उनके पास है।
मतदाताओं से अपील
प्रेस वार्ता के अंत में आदित्य कुमार झा ने कहा कि विधान परिषद चुनाव एकमात्र ऐसा चुनाव है जहां मतदाता जाति, धर्म, मजहब और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक व्यक्ति और उसके विजन को चुनते हैं। उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे इस बार शिक्षा और शिक्षित व्यक्ति के पक्ष में मतदान करें। उन्होंने बताया कि आगामी 23 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में उनका क्रम संख्या (Serial Number) 15 है, और उन्होंने जनता से उन्हें प्रथम वरीयता का वोट देकर सदन में भेजने का आग्रह किया है।



