बिहार कैबिनेट में 25 बड़े एजेंडों पर मुहर: सासामूसा चीनी मिल को संजीवनी और ₹3662 करोड़ की पेंशन को मंजूरी, जमीन मापी शुल्क दोगुनी
पटना (Bihar News): मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्य सचिवालय में बिहार कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के विकास, प्रशासन और आम जनता से जुड़े कुल 25 बड़े एजेंडों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में गोपालगंज की सासामूसा चीनी मिल के जीर्णोद्धार से लेकर, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, युवाओं के लिए नई रोजगार योजना और जमीन मापी शुल्क में बदलाव जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।

यहाँ कैबिनेट की बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों की विस्तृत जानकारी दी गई है:
₹3662 करोड़ की सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत
राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को समय पर पेंशन सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 3662 करोड़ 97 हजार रुपये की अग्रिम राशि स्वीकृत की है। यह फंड मई, जून और जुलाई महीने के पेंशन भुगतान के लिए है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी। इन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा लाभ:
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना
- लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना
- बिहार विकलांग पेंशन योजना
- मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना
सासामूसा चीनी मिल और गन्ना किसानों को बड़ी राहत
कैबिनेट का सबसे अहम फैसला मेसर्स सासामूसा सुगर वर्क्स प्रा. लि., गोपालगंज से जुड़ा है। सरकार ने लंबे समय से लंबित गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और मिल के पुनः परिचालन (Restart) के लिए 42 करोड़ 99 लाख 9 हजार 595 रुपये के आर्थिक पैकेज को मंजूरी दे दी है।
- फायदा: इस फैसले से मिल क्षेत्र के गन्ना किसानों को उनका रुका हुआ पैसा मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, मिल चालू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
युवाओं के लिए नई ‘जी राम जी योजना’ को मंजूरी
राज्य में युवाओं को रोजगार और आजीविका के नए अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने एक नई योजना पर मुहर लगाई है। इसका नाम ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन जी राम जी योजना’ रखा गया है। यह महत्वाकांक्षी योजना पूरे बिहार में 1 जुलाई 2026 से लागू की जाएगी।
जमीन मापी शुल्क (Land Measurement Fee) में भारी बढ़ोतरी
बिहार सरकार ने रैयती जमीन की मापी से जुड़े नियमों और शुल्कों में बदलाव किया है। अब जमीन की मापी कराना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा। नए रेट्स इस प्रकार हैं:
शहरी क्षेत्रों के लिए:
- सामान्य मापी (प्रति खेसरा): ₹2000 से बढ़ाकर ₹4000 कर दिया गया है।
- तत्काल मापी (अधिकतम शुल्क): ₹8000 से बढ़ाकर ₹16000 कर दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए:
- सामान्य मापी (प्रति खेसरा): ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 कर दिया गया है।
- तत्काल मापी (अधिकतम शुल्क): ₹4000 से बढ़ाकर ₹8000 कर दिया गया है।
सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग नीति में बदलाव
15 वर्ष से पुराने वाहनों को लेकर सरकार ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। अब अगर 15 साल पुराने सरकारी वाहनों का निबंधन रद्द कर उन्हें स्क्रैप किया जाता है, तो नए मोटर वाहन की खरीद पर कोई छूट या लाभ नहीं दिया जाएगा।
- निजी वाहनों के लिए राहत: हालांकि, गैर-सरकारी (निजी) वाहनों को स्क्रैप करने पर नई गाड़ी खरीदने में पहले की तरह ही छूट का लाभ मिलता रहेगा।
‘जल जीवन मिशन 2.0’ को सैद्धांतिक सहमति
बैठक में केंद्र प्रायोजित योजना ‘जल जीवन मिशन 2.0’ को भी राज्य में लागू करने के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है। इसके तहत अब भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) और बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के बीच जल्द ही एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
किसानों के लिए फिर लागू होगी फसल बीमा योजना
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को फिर से लागू करने की मंजूरी दी है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के रबी सीजन से लागू होगी. इससे प्राकृतिक आपदा या फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक स्पष्ट करती है कि सरकार का फोकस किसानों की आय सुरक्षित करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए भविष्य का रोडमैप तैयार करने पर है। सासामूसा चीनी मिल का फैसला इस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।



