समस्तीपुर: खानपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, 10 दिन के भीतर बरामद की करोड़ों की प्राचीन मूर्तियां, 3 शातिर चोर गिरफ्तार
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। खानपुर थाना क्षेत्र के महामंडलेश्वर 24 अवतार धाम चकोटी मठ मंदिर में हुई चर्चित चोरी की घटना का पुलिस ने महज दस दिनों के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। खानपुर थानाध्यक्ष शिवपूजन कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने न सिर्फ तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, बल्कि चोरी की गई करोड़ों रुपये मूल्य की दुर्लभ और प्राचीन मूर्तियां भी सकुशल बरामद कर ली हैं। पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

क्या था पूरा मामला?
बीते 12 जुलाई 2026 की रात चकोटी मठ मंदिर के गर्भगृह से चोरों ने धावा बोलकर भगवान श्रीराम, माता जानकी, रामलला, लड्डू गोपाल, भगवान हनुमान और लक्ष्मण जी की मूर्तियों समेत कई अन्य सामान चुरा लिए थे। इस बड़ी घटना के बाद मंदिर के पुजारी महंत राम सेवक दास शास्त्री के आवेदन पर खानपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था।
तकनीकी जांच और छापेमारी से मिला सुराग
पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचनाओं का बारीकी से विश्लेषण किया। लगातार की गई छापेमारी के बाद पुलिस ने विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिंघियाघाट निवासी तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम नंदकिशोर महतो, छोटू कुमार और गुड्डू कुमार हैं।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:
- 6 प्राचीन और दुर्लभ मूर्तियां (चकोटी मठ से चोरी गई)
- मंदिर का दान पात्र और नकदी
- चोरी की घटना में प्रयुक्त एर्टिगा कार (BR01XY-8204)
- समस्तीपुर और दरभंगा जिले के विभिन्न मंदिरों से चुराई गई पीतल की घंटियां, पूजा सामग्री और पीतल के बर्तन।
कई अन्य जिलों में भी रहा है आपराधिक इतिहास
कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम, हथौड़ी, खानपुर के साथ-साथ दरभंगा जिले के बहेड़ी और बिरौल थाना क्षेत्रों के कई मंदिरों में भी चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन अपराधियों का पहले से ही बेगूसराय, सीतामढ़ी और समस्तीपुर जिलों में चोरी, डकैती की तैयारी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से मंदिरों में हुई कई अन्य अनसुलझी चोरी की वारदातों का भी जल्द खुलासा होने की उम्मीद है। गिरोह के फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी अभी जारी है।
सफल उद्भेदन में शामिल पुलिस टीम
इस बड़ी कामयाबी के पीछे खानपुर थाना और डीआईयू (DIU) की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में मुख्य रूप से ये अधिकारी और जवान शामिल रहे: शिवपूजन कुमार (थानाध्यक्ष, खानपुर), कुणालचंद्र (डीआईयु प्रभारी), पंकज कुमार (प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक), संजीवन पासवान (पुलिस अवर निरीक्षक), अमित कुमार (पुलिस अवर निरीक्षक, डीआईयू शाखा), शैलेन्द्र कुमार (पुलिस अवर निरीक्षक), धनंजय कुमार (पुलिस अवर निरीक्षक), प्रिंस भगत (पुलिस अवर निरीक्षक), सिपाही: संतोष कुमार, अनिश कुमार, कुंदन कुमार (डीआईयू शाखा) और चालक सिपाही सत्येंद्र कुमार।



