मुंगेर: धरहरा मध्य विद्यालय में नीलामी के नाम पर सरकारी संपत्ति की लूट का प्रयास, RTI कार्यकर्ता ने किया भंडाफोड़
मुंगेर/धरहरा: मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड से शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। धरहरा मध्य विद्यालय नं-1 में पुरानी खिड़कियों और अन्य सामग्रियों को अवैध तरीके से कबाड़ में बेचने के प्रयास को स्थानीय RTI कार्यकर्ता ने विफल कर दिया। इस घटना के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन एवं RTI कार्यकर्ता श्याम मुरारी प्रसाद द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 26 सितंबर 2026 को उन्हें ग्रामीणों से सूचना मिली कि धरहरा मध्य विद्यालय नं-1 से पुरानी खिड़कियाँ एक ट्रैक्टर पर लादकर ले जाई जा रही हैं। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना धरहरा BEO भोगेन्द्र कुमार को दी, लेकिन वहां से गोलमोल जवाब मिला। इसके बाद वे सीधे थाने पहुंचे। पुलिस प्रशासन के मौके पर पहुंचने के बाद उनके सामने ही ट्रैक्टर से सारा माल वापस स्कूल में खाली कराया गया। RTI कार्यकर्ता का दावा है कि उनके पास इस पूरी घटना का वीडियो साक्ष्य के रूप में सुरक्षित है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मुंगेर ने महज एक दिन पहले (25 सितंबर 2026) स्पष्ट आदेश जारी किया था कि पुरानी सामग्रियों की नीलामी एक समिति के माध्यम से होगी और प्राप्त राशि GOB (Government of Bihar) खाते में जमा की जाएगी। आरोप है कि इस आदेश को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से सामान बेचा जा रहा था।
पकड़े जाने के बाद, मामले में लीपापोती करने के लिए विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने उसी दिन आनन-फानन में एक पत्र निकाल दिया कि ‘नीलामी की प्रक्रिया हो गई है, ट्रैक्टर को छोड़ दिया जाए।’ RTI कार्यकर्ता का आरोप है कि खिड़कियों की चोरी तो रंगे हाथ पकड़ी गई, लेकिन स्कूल के बिजली के पंखे, दरवाजे और अन्य सामग्रियां पहले ही बेची जा चुकी हैं, जिसका कोई पारदर्शी हिसाब नहीं है। इसमें विद्यालय प्रभारी और खरीदार की सीधी मिलीभगत है।
RTI कार्यकर्ता श्याम मुरारी प्रसाद ने मुंगेर के जिलाधिकारी (DM) और जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए निम्नलिखित बिंदु रखे हैं:
- FIR दर्ज हो: घटना के वीडियो को साक्ष्य और जब्ती का आधार मानकर दोषियों पर तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
- BEO की जांच हो: BEO धरहरा भोगेन्द्र कुमार की भूमिका की स्वतंत्र जांच हो, क्योंकि घटना के बाद पिछली तारीखों (Backdate) में कागजात तैयार कर मामले को रफा-दफा करने की प्रबल आशंका है।
- कागजात सार्वजनिक हों: नीलामी समिति की बैठक का विवरण, बोली प्रक्रिया और GOB खाते में जमा राशि की रसीद 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक की जाए।
- सामग्रियों की सूची जारी हो: गायब हुए पंखे, दरवाजे और अन्य सभी सामग्रियों की पूरी सूची जारी कर जांच में पारदर्शिता लाई जाए।
श्याम मुरारी प्रसाद ने आरोप लगाया है कि जब से BEO भोगेन्द्र कुमार ने धरहरा प्रखंड का प्रभार लिया है, शिक्षा विभाग में आए दिन अनियमितताएं उजागर हो रही हैं। यह पहला मामला नहीं है; इससे पहले खजुरिया मध्य विद्यालय, गोविंदपुर मध्य विद्यालय और कन्या मध्य विद्यालय (धरहरा) में भी इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं।
RTI कार्यकर्ता ने यह भी मांग की है कि धरहरा प्रखंड के जिन-जिन विद्यालयों में भवन निर्माण या जीर्णोद्धार का कार्य हुआ है, उन सभी की जांच की जाए कि वहां से निकली पुरानी सरकारी संपत्ति का सदुपयोग हुआ है या दुरुपयोग। उन्होंने कहा, “जनता अब जाग चुकी है। सरकारी स्कूल कोई कबाड़खाना नहीं है, जहां संपत्तियों की खुली लूट की जा सके।



