Taliban 2.0: इस्लामी ढांचे के भीतर महिलाओं के अधिकार का सम्मान करने का संकल्प, अफगान महिलाएं शरीयत कानून के तहत ‘खुश’ रह सकेंगी

Taliban 2.0: अफ़गान के स्थानीय लोगों के डर को शांत करने एवं विश्व शक्तियों को आश्वस्त करने के उद्देश्य से एक संवाददाता सम्मेलन में मंगलवार को तालिबान ने बताया है की इस्लामी कानून के ढांचे के भीतर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने, उनसे लड़ने वालों को माफी देने और यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि अफगानिस्तान एक उपरिकेंद्र नहीं बनेगा।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार को काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, इस्लामी आतंकवाद, “हमारी महिलाएं मुस्लिम हैं, वे भी हमारे शरीयत के ढांचे के भीतर रहकर खुश रह सकेंगी। फिलहाल अफगानिस्तान में तलिबनियों के द्वारा कब्जा किए जाने के बाद वहां के तमाम लोग डर के माहौल में जी रहे है की कब क्या होगा किसी को नहीं पता और इसी वजह से बहुत सारे अफगानी लोग भी देश छोड़ कर भाग रहे है।

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तालिबान से भारत आए एक महिला ने बताया की महिलाओ को तलिबनियों के द्वारा ना तो पढ़ने लिखने की आजादी दिया जाता है और ना ही काम करने के की, उनके लिए महिलाये सिर्फ एक सेक्स स्लैव है वो सिर्फ घर में रहकर अपना जीवन गुजर सकती है और इसके अलावा कुछ नहीं कर सकती। वही बताया की तलिबनियों के खिलाफ जो जाता है उसके साथ क्रूरता की जाती है जिसके कारण लोग काफी डरे हुए है।

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