समस्तीपुर में तालिबानी क्रूरता: मोबाइल चोरी के शक में 16 वर्षीय किशोर की पीट-पीटकर हत्या; अब चंद पैसों के लिए मामले को दबाने में जुटे ‘सफेदपोश’
समस्तीपुर: जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर गांव (वार्ड-1) में इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ मोबाइल चोरी के महज एक शक में गांव के ही दबंगों ने 16 वर्षीय किशोर दर्शन कुमार (पिता- प्रदीप दास) को इतनी अमानवीय यातनाएं दीं कि 6 दिनों तक मौत से लड़ने के बाद उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद जहां एक तरफ पूरे इलाके में भारी उबाल है, वहीं कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा मामले को रफा-दफा करने के सनसनीखेज खेल का भी खुलासा हुआ है।

8 मई की वह खौफनाक शाम: क्रूरता की सिलसिलेवार दास्तान
परिजनों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी खौफनाक वारदात 8 मई की शाम से शुरू हुई थी, जिसे दबंगों ने कई चरणों में अंजाम दिया:
- बहाने से बुलाया और पीटा: गांव का ही एक मुर्गी फार्म संचालक किशोर को काम कराने के बहाने अपने फार्म पर ले गया। वहां उस पर मोबाइल चोरी का आरोप मढ़ते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।
- घर में घुसकर तोड़फोड़: पिटाई के बाद आरोपित घायल किशोर को उसके घर लाया। दबंगई का आलम यह था कि उसने मोबाइल खोजने के नाम पर घर में रखे पेटी और बक्से का ताला तोड़ दिया और सारा सामान तहस-नहस कर दिया। मोबाइल न मिलने पर वह किशोर को वहीं छोड़कर चला गया।
- दोबारा अपहरण और पेड़ से बांधकर यातनाएं: कुछ घंटों बाद आरोपित अपने आधा दर्जन से अधिक गुर्गों के साथ वापस लौटा और किशोर को जबरन अपने साथ उठा ले गया। उसे एक पेड़ से रस्सी से बांधा गया और लाठी-डंडों व बेल्ट से बेतहाशा पीटा गया। क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए किशोर के हाथों को सिगरेट से भी जलाया गया।
- मकई के खेत में फेंका: जब किशोर दर्द से तड़पते हुए बेहोश हो गया, तो दबंगों ने उसे मरा हुआ समझकर पास के ही एक मकई के खेत में फेंक दिया। काफी खोजबीन के बाद एक ग्रामीण ने उसे बेहोशी की हालत में देखा और घर पहुंचाया।
6 दिन तक मौत से जंग और पुलिस-पब्लिक टकराव
गंभीर रूप से घायल दर्शन का स्थानीय निजी चिकित्सक के यहां 6 दिनों तक इलाज चला। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन बाहर ले जाने की तैयारी के दौरान ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मौत की खबर फैलते ही हजारों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को आरोपित के दरवाजे पर रखकर भारी हंगामा किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उजियारपुर पुलिस को भारी फजीहत और नारेबाजी का सामना करना पड़ा। हालात को बेकाबू होता देख आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा।
पुलिस का आधिकारिक बयान: अभी आवेदन का इंतजार
काफी मशक्कत के बाद दलसिंहसराय के एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और परिजनों को न्याय का भरोसा देकर शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया है। एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि, “मारपीट के बाद इलाज के दौरान एक किशोर की मौत का मामला सामने आया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। हालांकि, मृतक के परिजनों की ओर से अब तक थाने में कोई लिखित आवेदन (शिकायत) नहीं दिया गया है। आवेदन मिलते ही आरोपितों के खिलाफ सख्त और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।”
सनसनीखेज मोड़: न्याय को ‘खरीदने’ की साजिश!
इस पूरी दर्दनाक घटना में अब एक बेहद शर्मनाक पहलू भी जुड़ गया है। सूत्रों के मुताबिक, गांव के कुछ झोलाछाप नेता और स्थानीय जनप्रतिनिधि दबंगों को बचाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। वे मृतक के गरीब परिजनों को डरा-धमका कर और बहला-फुसला कर मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। चर्चा है कि इस जघन्य हत्याकांड को रफा-दफा करने के लिए पर्दे के पीछे बड़े पैमाने पर ‘अवैध पैसों के लेन-देन’ का गंदा खेल खेला जा रहा है।
फिलहाल गांव में दहशत और तनाव का माहौल है, और यह देखना बाकी है कि क्या एक गरीब पिता को अपने बेटे की हत्या का इंसाफ मिलेगा, या फिर रसूखदारों के पैसे के आगे कानून के हाथ खाली रह जाएंगे।



