पंचायत टैक्स वसूली और बढ़ते अपराध के खिलाफ भाकपा-माले का प्रदर्शन, मालती में आयोजित हुई विरोध सभा
बिहार सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में हर परिवार से टैक्स वसूलने के नए फरमान ने ग्रामीण इलाकों में लोगों का गुस्सा भड़का दिया है। इस सरकारी आदेश को वापस लेने और इलाके में लगातार बेलगाम हो रहे अपराध के खिलाफ मंगलवार को उजियारपुर के मालती चौक पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने एक बड़ी विरोध सभा का आयोजन किया। पार्टी की मालती पंचायत कमेटी के आह्वान पर बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

इस सभा में आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दे पूरी तरह से छाए रहे। मंच से हुंकार भरते हुए वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, ऐसे में टैक्स वसूली का यह फरमान किसी तानाशाही से कम नहीं है, जिसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, ‘जी रामजी एक्ट’ के तहत हर जरूरतमंद मजदूर को 125 दिन के रोजगार की पक्की गारंटी देने की आवाज भी मजबूती से बुलंद की गई। गांव में बदहाल पड़ी ‘नल-जल योजना’ पर तंज कसते हुए नेताओं ने कहा कि कागजों की खानापूर्ति छोड़कर हकीकत में हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचने की गारंटी होनी चाहिए।
सभा के दौरान क्षेत्र की चरमराती कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी काफी गरमाया रहा। पतैली पूर्वी में एक नाबालिग दलित लड़की के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म की घटना को लेकर आक्रोशित नेताओं ने पुलिस प्रशासन की सुस्ती पर गंभीर सवाल उठाए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा इलाके में लगातार बढ़ रही चोरी और गुंडागर्दी की घटनाओं पर सख्त रोक लगाने की मांग की गई।
प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करते हुए प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी अनियमितता है। उन्होंने मांग की कि लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए, अधूरे पड़े आवासों का बकाया पैसा जल्द जारी हो और जिन असहाय लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन अकारण रोक दी गई है, उसे बिना किसी देरी के फिर से चालू किया जाए।
मालती के उप-सरपंच सुधांशु प्रियदर्शी की अध्यक्षता में हुई इस सभा में जन-आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाने की रूपरेखा भी तय की गई। कार्यक्रम में खेत ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के प्रखंड अध्यक्ष अर्जुन दास, सचिव तनंजय प्रकाश और छात्र संगठन आइसा के नेता मो० फरमान ने अपने जोशीले भाषणों से लोगों को लामबंद किया।
इनके अलावा सभा को किसान महासभा के प्रखंड कमेटी सदस्य रामसुदीन सिंह, मो० उस्मान, विजय कुमार राम, नरेश पासवान, भाकपा-माले के प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान, अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव ललन कुमार, अध्यक्ष महावीर पोद्दार और माले के जिला स्थायी कमेटी सदस्य फूलबाबू सिंह ने भी संबोधित किया। सभी नेताओं ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही इन ज्वलंत जन-समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।



