समस्तीपुर: कृष्णा इंस्टीट्यूट में B.Sc नर्सिंग का रिजल्ट खराब होने पर छात्रों का उग्र हंगामा, बस के शीशे तोड़े, ICU में तोड़फोड़ की कोशिश
समस्तीपुर। शहर के कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में बुधवार को जमकर बवाल हुआ। बी.एससी (B.Sc) नर्सिंग प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम (रिजल्ट) खराब आने से आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर में उग्र प्रदर्शन किया। छात्रों ने न केवल कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि अस्पताल परिसर में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

बस के शीशे तोड़े, बाउंसरों ने बचाई ICU
जानकारी के अनुसार, रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। उग्र छात्रों ने सबसे पहले कॉलेज परिसर में खड़ी एक बस को निशाना बनाया और उसके शीशे तोड़ दिए। इसके बाद कुछ छात्र संस्थान के आईसीयू (ICU) में घुस गए और वहां भी तोड़फोड़ का प्रयास किया। गनीमत रही कि मौके पर तैनात बाउंसरों ने तत्परता दिखाते हुए बीच-बचाव किया, जिससे कोई बड़ा नुकसान होने से बच गया।
कर्पूरीग्राम पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे और तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही कर्पूरीग्राम थाने की पुलिस तुरंत कॉलेज परिसर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित छात्रों से बातचीत की और उन्हें काफी समझाने-बुझाने के बाद कॉलेज परिसर से बाहर निकाला। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही स्थिति नियंत्रण में आ सकी और माहौल शांत हुआ।
50% से भी कम छात्र हुए पास, कॉपियों की जांच पर उठे सवाल
इस पूरे बवाल की जड़ परीक्षा का परिणाम है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बी.एससी नर्सिंग फर्स्ट ईयर की परीक्षा में लगभग 100 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, लेकिन 50 प्रतिशत से भी कम छात्रों को सफल घोषित किया गया है।
- छात्रों का आरोप: छात्रों का दावा है कि उन्होंने परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर बहुत अच्छी तरह लिखे थे, इसके बावजूद उन्हें उम्मीद से काफी कम अंक दिए गए हैं।
- छात्रों की मांग: छात्र इस भारी विफलता पर सवाल उठाते हुए रिजल्ट की निष्पक्ष जांच और संस्थान के डायरेक्टर को तुरंत मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
प्रबंधन का पक्ष: स्वास्थ्य विभाग को लिखा गया पत्र
हंगामे के बीच कॉलेज प्रबंधन ने भी अपना स्पष्टीकरण दिया है:
- प्रिंसिपल का बयान: कॉलेज के प्रिंसिपल गणेश सिंह ने छात्रों को शांत कराते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन ने निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया था और पढ़ाई में कोई कमी नहीं रखी गई। छात्रों की मांग को देखते हुए, कॉपियों की दोबारा जांच (स्क्रूटनी) के लिए स्वास्थ्य विभाग से पत्राचार किया गया है।
- डायरेक्टर का बयान: संस्थान के डायरेक्टर एस.के. मंडल ने बताया कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की शिकायतों को पूरी गंभीरता से ले रहा है। इसी मामले के उचित समाधान और विभागीय अधिकारियों से बातचीत के लिए वह बुधवार को पटना गए हुए थे।
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी और कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया है। छात्रों की मुख्य मांग उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच को लेकर है। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि विभागीय स्तर पर छात्रों की इस शिकायत पर क्या और कब तक कार्रवाई की जाती है।



