उजियारपुर: नाजिरपुर फर्जी मुकदमे के विरोध में भाकपा-माले ने फूंका थानाध्यक्ष का पुतला, दी अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल की चेतावनी
उजियारपुर प्रखंड के नाजिरपुर में निर्दोष युवाओं पर कथित फर्जी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने के विरोध में गुरुवार को भाकपा-माले ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ नाजिरपुर हाट पर उजियारपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह का पुतला फूंका और एक विशाल प्रतिरोध सभा का आयोजन किया। जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ता एवं स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

भाकपा (माले) ने समस्तीपुर जिले के उजियारपुर और दलसिंहसराय पुलिस प्रशासन पर भ्रष्टाचार, तानाशाही, अपराधियों को संरक्षण देने और आम नागरिकों पर फर्जी मुकदमे थोपने के गंभीर आरोप लगाए हैं। भाकपा माले के जिला स्थायी समिति सदस्य फूलबाबू सिंह ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए और एसपी (SP) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
नाजिरपुर में पुलिसिया जुल्म और थानाध्यक्ष पर तानाशाही का आरोप
नेता फूलबाबू सिंह ने कहा कि 27 अगस्त को नाजिरपुर पंचायत में पुलिस ने वर्दी के रौब में युवाओं और स्थानीय नागरिकों के साथ बर्बरता और अन्याय किया, जिसकी उनकी पार्टी तीव्र निंदा करती है। उन्होंने उजियारपुर के थानाध्यक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह अपनी तानाशाही, लूट, मोटी रकम की उगाही और लोगों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने जिला पुलिस कप्तान (एसपी) से सवाल किया कि आखिर ऐसे दागी थानाध्यक्ष के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? क्या इसमें उनकी भी मिलीभगत है?
दलसिंहसराय एसडीपीओ पर अपराधियों को बचाने का संगीन आरोप
भाकपा माले नेता ने दलसिंहसराय के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विवेक कुमार शर्मा पर भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसडीपीओ उजियारपुर थानाध्यक्ष के नाजायज कामों को संरक्षण दे रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए फूलबाबू सिंह ने बताया कि दलसिंहसराय थाना कांड संख्या 417/2026, जो एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा है, उसमें पुलिस ने अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उलटा, डीएसपी पर आरोप है कि वे पीड़ित परिवार को धमका रहे हैं और अपराधियों को बचाने के लिए 12 लाख रुपये की डील की गई है, जिसमें से 5 लाख रुपये एडवांस भी लिए जा चुके हैं।
फर्जी हरिजन एक्ट और झूठे मुकदमे रद्द करने की मांग
पार्टी ने उजियारपुर थाना कांड संख्या 323/2026 को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। नेता ने बताया कि इस मामले के आईओ (IO) राजू कुमार ने स्थानीय लोगों पर आरोप लगाया है कि उनकी जाति पूछकर उन्हें पीटा गया, जबकि उनके नेमप्लेट पर केवल ‘कुमार’ लिखा हुआ था और कोई जाति अंकित नहीं थी। फूलबाबू सिंह ने इसे कानून का दुरुपयोग बताते हुए कहा कि कोई भी पुलिसकर्मी या कर्मचारी आम जनता पर इस तरह फर्जी ‘हरिजन एक्ट’ का मुकदमा दर्ज नहीं कर सकता।
15 दिनों का अल्टीमेटम: “नहीं तो होगा उग्र आंदोलन”
भाकपा माले ने चेतावनी दी है कि उजियारपुर, नाजिरपुर, मंगल चौक और सातनपुर समेत पूरे अनुमंडल में जो अन्याय हो रहा है, अगर उस पर रोक नहीं लगी और 15 दिनों के भीतर निर्दोष लोगों को न्याय नहीं मिला, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। फूलबाबू सिंह ने कहा कि अगर फर्जी मुकदमे वापस लेकर निर्दोषों को जेल से रिहा नहीं किया गया, तो दलगत राजनीति और झंडों के रंग से ऊपर उठकर आम जनता के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और पुलिस थानों का चारों तरफ से घेराव किया जाएगा।
पुलिसिया कार्रवाई का विरोध और मुख्य मांगें:
नाजिरपुर घटना: नेताओं ने आरोप लगाया कि 27 अगस्त को बोलबम सेवा से लौट रहे युवाओं पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की। इसके बाद उजियारपुर थाना कांड संख्या-323/26 के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को जेल भेज दिया गया और अन्य निर्दोषों को तंग किया जा रहा है।
थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी की मांग: माले नेता फूलबाबू सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह के भ्रष्ट आचरण से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को परेशान कर फर्जी मुकदमों में फंसाया जाता है और फिर मोटी रकम लेकर मामला रफा-दफा किया जाता है। उन्होंने दोषी थानाध्यक्ष को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।
भूख-हड़ताल की चेतावनी: किसान महासभा के जिला अध्यक्ष महावीर पोद्दार ने अल्टीमेटम दिया कि यदि उजियारपुर थाने द्वारा दर्ज फर्जी मुकदमा 323/26 और 297/26 को वापस नहीं लिया गया, तो अगले 15 दिनों में उजियारपुर थाने पर अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल और उग्र प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
सभा का नेतृत्व और उपस्थिति:
इस प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता प्रखंड कमेटी सदस्य हेमंत कुमार सिंह ने की। पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के दौरान गंगा प्रसाद पासवान (प्रखंड सचिव), रोहित कुमार पासवान (छात्र नेता), राहुल राय (आरवाईए के प्रखंड सचिव), रामप्रीत सिंह (उप-सरपंच) ने सभा को संबोधित किया।
अन्य प्रमुख उपस्थित सदस्य:
अशोक कुमार सिंह, मनोज राम, राम सुरेश सिंह, सुन्देश्वर सिंह, रामबली सिंह, अर्जुन दास, मो. फरमान, बुलबुल सहनी, पप्पू यादव, विपिन कुमार राम, मो. सकूर, मणिमाला देवी, सविता देवी, और प्रमिला देवी सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं और पुरुष लाल झंडे लिए मौजूद थे, जो पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे।



