Lifestyle

जलवायु परिवर्तन का असर अब केवल पर्यावरण पर नहीं, बल्कि परिवारों के घरेलू बजट पर भी — डॉ. अमृता चौरसिया

नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन अब केवल दूर पहाड़ों पर पिघलते ग्लेशियरों की खबर नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारे घरों की चौखट पार कर चुका है। क्राइस्ट (सम-विश्वविद्यालय), दिल्ली एनसीआर परिसर के वाणिज्य, वित्त एवं लेखाशास्त्र संकाय की सहायक प्राध्यापक डॉ. अमृता चौरसिया ने अपने हालिया लेख “मौसम की मार, बचत पर वार: जलवायु संकट और परिवार का आर्थिक भविष्य” में इस बात पर प्रकाश डाला है कि कैसे बदलता मौसम रसोई का खर्च बढ़ा रहा है, रोज़गार घटा रहा है और परिवारों की बचत मिटा रहा है।

बजट और अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार

डॉ. चौरसिया के अनुसार, सब्जी खरीदते समय बढ़ी हुई कीमत, गर्मियों का बढ़ता बिजली बिल और बेमौसम बारिश से किसान की परेशानी—ये सभी दृश्य बदलते मौसम की आर्थिक कहानी बयां करते हैं। बढ़ती गर्मी और बदलते वर्षा-चक्र के कारण खाद्य उत्पादन, स्वास्थ्य, काम करने की क्षमता और संपत्ति की सुरक्षा पर भारी दबाव पड़ रहा है। विश्व बैंक ने भी भारत में इन बदलावों को ग्रामीण आजीविका और खाद्य व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बताया है।

सीमित आय वाले परिवारों का बजट राशन, किराए, फीस और दवाइयों के बाद बची हुई बचत पर टिका होता है, लेकिन मौसम की मार से आया अचानक खर्च इस संतुलन को बिगाड़ देता है। विश्व बैंक के दक्षिण एशिया संबंधी आकलन के अनुसार भी अत्यधिक गर्मी का सबसे अधिक बोझ निम्न आय वाले परिवारों और असंगठित कामगारों पर पड़ता है। संपन्न परिवार जहां अतिरिक्त खर्च संभाल लेते हैं, वहीं कम आय वाले परिवारों को उधार लेना पड़ता है या जरूरतें टालनी पड़ती हैं।

ग्रामीण भारत और भूमिहीन मजदूरों पर चौतरफा असर

ग्रामीण क्षेत्रों में जलवायु संकट का असर एक साथ कई मोर्चों पर दिखता है। उन्होंने एक काल्पनिक परिवार का उदाहरण देते हुए बताया है कि लगातार बारिश होने से खेत की फसल तो खराब होती ही है, पशुपालन के लिए चारे की व्यवस्था कठिन हो जाती है और रास्ते बंद होने से कस्बे में जाने वाले सदस्य की मजदूरी भी छूट जाती है।

भूमिहीन मजदूरों की परेशानी और भी अलग है, क्योंकि उनके पास नुकसान दिखाने के लिए खेत नहीं होता, लेकिन काम छूटने पर उनकी रसोई सीधे तौर पर प्रभावित होती है। इसलिए ग्रामीण सुरक्षा योजनाओं में किसान के साथ मजदूर, बटाईदार, पशुपालक और छोटे दुकानदारों को समझना बेहद जरूरी है।

आर्थिक तैयारी और बीमा की भूमिका

डॉ अमृता चौरसिया सवाल उठाती हैं कि क्या अचानक नुकसान होने पर परिवार के पास पर्याप्त आर्थिक तैयारी है? आपातकालीन बचत, बीमा और जरूरी दस्तावेजों की सुरक्षित प्रतियां होना आवश्यक है। परिवार की निर्भरता के अनुसार जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा में कवरेज की समझ और संपत्ति या फसल के लिए अलग सुरक्षा की जरूरत होती है। हालांकि, सिर्फ पॉलिसी खरीदना अंतिम कदम नहीं है; यह जानना भी जरूरी है कि कौन-सा नुकसान कवर है, क्योंकि फसल बीमा या संपत्ति बीमा स्वतः सभी प्रकार की बंद हुई कमाई की भरपाई नहीं करते।

छोटे बदलावों से खर्च पर नियंत्रण

उन्होंने महंगी तकनीक के बजाय उपलब्ध साधनों से शुरुआत करने की सलाह दी गई है, जैसे अनावश्यक बिजली बंद करना, पानी का रिसाव रोकना, भोजन की बर्बादी घटाना और वेंटिलेशन बेहतर करना। ऊर्जा-दक्ष उपकरणों की खरीद और सौर ऊर्जा या वर्षाजल संचयन अपनाने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और शुरुआती लागत को समझना आवश्यक है।

इंदौर से मिलती है पर्यावरण-अनुकूल जीवन की प्रेरणा

डॉ. चौरसिया ने इंदौर के समीप सनावदिया में रहने वालीं पद्मश्री (2015) डॉ. जनक पल्टा मैकगिलिगन के कार्यों का उल्लेख किया है, जो प्रकृति के साथ संतुलित जीवन की प्रेरणा देती हैं। उनके सौर ऊर्जा और संसाधनों के पुनः उपयोग के प्रयोग समुदाय में बदलाव का आधार बन सकते हैं।

इसी तरह फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के हवाले से इंदौर में आईआईटी-शिक्षित अर्चना के घर का उदाहरण भी दिया गया है, जहां प्राकृतिक शीतलन, वर्षाजल संचयन और सौर ऊर्जा का उपयोग होता है तथा मोरों और पक्षियों का आना एक आत्मीय तस्वीर पेश करता है। इन उदाहरणों से हम अपनी परिस्थिति के अनुसार रसोई के जैविक कचरे से खाद बनाना या वस्तुओं की मरम्मत कराना सीख सकते हैं।

पूरे परिवार की साझा जिम्मेदारी

घर में पानी और खर्च संभालने वाली महिलाओं का अनुभव जलवायु तैयारी में महत्वपूर्ण है। ग्रामीण स्वयं सहायता समूह क्षमता बढ़ाने का मंच बन सकते हैं, लेकिन संसाधन बचाने का पूरा बोझ केवल महिलाओं पर डालना उचित नहीं है। पुरुषों और बच्चों को भी पानी लाने, कचरा अलग करने और खर्च समझने में भाग लेना चाहिए। बच्चों को भी यह सिखाना जरूरी है कि भोजन बनने में किसान की मेहनत और ऊर्जा लगती है, ताकि वे बर्बादी रोकें और घर के छोटे खर्च व मरम्मत को समझ सकें।

सार्वजनिक सहारे की जरूरत

अंत में डॉ. अमृता चौरसिया स्पष्ट करती हैं कि परिवारों के प्रयासों को सुरक्षित जल, बेहतर जल निकासी, स्वास्थ्य सेवाओं और सुलभ बीमा जैसी मजबूत स्थानीय व्यवस्था का सार्वजनिक सहारा मिलना चाहिए। स्वच्छ हवा और सुरक्षित पानी हमारी प्राकृतिक पूंजी हैं; प्रकृति की रक्षा घरेलू समृद्धि से गहराई से जुड़ी है। आने वाली पीढ़ियों के लिए संपत्ति छोड़ने के साथ-साथ रहने योग्य वातावरण बचाना भी हमारी जिम्मेदारी है। अर्थात जलवायु परिवर्तन पर बातचीत की शुरुआत अब हमारे घर के बजट से ही होनी चाहिए।

Back to top button
Budget 2026 Expectations: Income Tax Slab Change & 8th Pay Commission 7 ways to maintain a healthy lifestyle: स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स khakee the bengal chapter review 10 Lines on Maha Shivratri in Hindi International Mother Language Day: अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? Saraswati puja का शुभ मुहूर्त कब है chandrayaan-3 lander name अपना काम करना किया शुरू, दक्षिणी ध्रुव की सतह के बारे में हुआ ये खुलासा 10 Lucky Hindu Baby Girl Names and their meanings Starting with S अंजली अरोरा के दस ऐसे फ़ोटोज़ जिसे देखने से अपने आप को रोक नहीं पाएंगे Anjali Arora Hot Photos: ध्यान से देखे एक तिल दिखाई देगा सावधान! तरबूज खाने के बाद पानी या दूध पीने से इन बीमारियों को मिलता है निमंत्रण इस वर्ष मंगला गौरी व्रत 9 दिनों तक मनाया जाएगा, यहां देखें कब से शुरू होगा anand raaj anand बिहारी लड़के का ब्रश करते हुए गाना “दिल दे दिया है” रातोंरात सोशल मीडिया पर हुआ वाइरल holi pr nibandh क्या आपके बच्चा होली पर निबंध लिखना चाहते है और नही आ रहा तो यहां देखें 20 और शहरों में शुरू हुई Jio True 5G Services, देखे आपके शहर में हुआ या नहीं Wedding viral pics: कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​की अनदेखी हॉट वेडिंग पिक्स नहीं रही अब इस दुनिया में फितूर‘ और ‘कहानी -2’ की अभिनेत्री Tunisha Sharma Surya Grahan 2022: अक्टूबर में सूर्य ग्रहण व ग्रहों का अजीब योग, इन राशियों के लोग रहें सावधान Gandhi Jayanti Quote 2022: बापू के ये विचार आपके जीवन में करेंगे बड़ा बदलाव M से शुरु होने वाले बेबी गर्ल का लेटेस्ट नाम और मीनिंग
Budget 2026 Expectations: Income Tax Slab Change & 8th Pay Commission 7 ways to maintain a healthy lifestyle: स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स khakee the bengal chapter review 10 Lines on Maha Shivratri in Hindi International Mother Language Day: अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कब और क्यों मनाया जाता है? Saraswati puja का शुभ मुहूर्त कब है chandrayaan-3 lander name अपना काम करना किया शुरू, दक्षिणी ध्रुव की सतह के बारे में हुआ ये खुलासा 10 Lucky Hindu Baby Girl Names and their meanings Starting with S अंजली अरोरा के दस ऐसे फ़ोटोज़ जिसे देखने से अपने आप को रोक नहीं पाएंगे Anjali Arora Hot Photos: ध्यान से देखे एक तिल दिखाई देगा सावधान! तरबूज खाने के बाद पानी या दूध पीने से इन बीमारियों को मिलता है निमंत्रण इस वर्ष मंगला गौरी व्रत 9 दिनों तक मनाया जाएगा, यहां देखें कब से शुरू होगा anand raaj anand बिहारी लड़के का ब्रश करते हुए गाना “दिल दे दिया है” रातोंरात सोशल मीडिया पर हुआ वाइरल holi pr nibandh क्या आपके बच्चा होली पर निबंध लिखना चाहते है और नही आ रहा तो यहां देखें 20 और शहरों में शुरू हुई Jio True 5G Services, देखे आपके शहर में हुआ या नहीं Wedding viral pics: कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​की अनदेखी हॉट वेडिंग पिक्स नहीं रही अब इस दुनिया में फितूर‘ और ‘कहानी -2’ की अभिनेत्री Tunisha Sharma Surya Grahan 2022: अक्टूबर में सूर्य ग्रहण व ग्रहों का अजीब योग, इन राशियों के लोग रहें सावधान Gandhi Jayanti Quote 2022: बापू के ये विचार आपके जीवन में करेंगे बड़ा बदलाव M से शुरु होने वाले बेबी गर्ल का लेटेस्ट नाम और मीनिंग

Adblock Detected

Please turn off your Adblocker to proceed.