समस्तीपुर: 5 लाख की रंगदारी न देने पर युवक पर जानलेवा हमले का आरोप, पुलिस ने फायरिंग की घटना को बताया असत्य
बिहार के समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के लोहागीर गांव में एक युवक के साथ मारपीट और हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आवेदन देकर रंगदारी और गोलीबारी का आरोप लगाया है, जबकि उजियारपुर पुलिस ने अपनी जांच में फायरिंग की घटना को पूरी तरह से नकार दिया है।

पीड़ित के आरोप: रंगदारी, अपहरण और फायरिंग का दावा
उजियारपुर थाना अध्यक्ष को दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार पीड़ित की पहचान 31 वर्षीय राजा सहनी (पिता भोला सहनी) के रूप में हुई है, जो लोहागीर (वार्ड 04), थाना उजियारपुर, जिला समस्तीपुर का स्थायी निवासी है। आवेदन में बताया गया है कि 26-10-2026 की शाम करीब 5 बजे, जब राजा सहनी कमलेश सिंह की खाद की दुकान पर डी.ए.पी. (D.A.P) का बोरा लेने गया था, तभी पांच हथियारबंद लोगों ने पिस्तौल सटाकर उसे उठाया और वार्ड 13 के चौराहे पर ले गए।
राजा सहनी का दावा है कि रास्ते में एक व्यक्ति ने उस पर गोली चलाई जो उसे नहीं लगी, और जब दूसरी बार फायरिंग की कोशिश की गई तो पिस्तौल की मैगजीन फंस गई। इसके बाद अपराधियों ने पिस्तौल के कुंदे से उसके चेहरे पर वार किया, जिससे उसकी आंख के नीचे से खून गिरने लगा। गोली की आवाज और सीसीटीवी कैमरे होने के कारण ग्रामीण जुट गए, जिसके बाद हमलावर अपनी बाइक छोड़कर भाग गए।
राजा सहनी ने आरोप लगाया है कि वार्ड 13 के निवासी दिवाकर कुमार (उम्र 25 वर्ष, पिता रुदल सिंह) ने उससे 5,00,000 (पांच लाख) रुपये की रंगदारी मांगी थी। पैसे न देने पर जान से मारने और समस्तीपुर स्थित उसका ‘सहनी होटल’ बंद करवाने की धमकी दी गई थी। पीड़ित ने इस साजिश में खाद दुकानदार कमलेश सिंह (उम्र 35 वर्ष) के भी पूरी तरह शामिल होने का अंदेशा जताया है और कानूनी कार्रवाई के साथ सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिस का बयान: आपसी विवाद में हुई मारपीट, फायरिंग की बात झूठी
इस पूरी घटना पर उजियारपुर पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आया है। उजियारपुर थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव ने पुष्टि की है कि राजा सहनी द्वारा थाने में आवेदन दिया गया है और कल शाम खाद की दुकान पर घटना हुई थी। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह मामला पूर्व के आपसी विवाद को लेकर हुई मारपीट और लप्पड़-थप्पड़ का है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने स्वयं घटनास्थल पर जाकर मामले का सत्यापन किया है, जिसमें गोली चलने या फायरिंग होने की बात पूरी तरह से असत्य पाई गई है। पुलिस के अनुसार, इस मारपीट की घटना में केवल दो-तीन लोग ही शामिल थे। पुलिस ने माना कि आवेदन में पिस्तौल के बट से मारने का आरोप लगाया गया है और चेहरे पर चोट के निशान भी हैं, लेकिन उन्होंने फिर से दोहराया कि गोली चलने की कोई घटना घटित नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर लिया है और मारपीट के इस मामले की जांच कर रही है।




