बिहार सरकार का बड़ा फैसला: गांवों के विकास और रोजगार के लिए 22000 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी
बिहार में ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को लागू करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (जनसंपर्क कोषांग) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 5 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

योजनाओं का विस्तार और रोजगार की गारंटी
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए:
- VB-G RAM G मिशन के तहत वर्तमान में ली गई 1.5 लाख योजनाओं की संख्या को बढ़ाकर 3 लाख किया जाएगा।
- ग्रामीण परिवारों को एक वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी।
- मजदूरों को समय पर पैसा मिले, इसके लिए 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।
- इस मिशन में केंद्र और राज्य सरकार के बीच वित्त पोषण का अनुपात 60:40 निर्धारित किया गया है।
बुनियादी ढांचे और आंगनबाड़ी केंद्रों का विकास
गांवों के समग्र और संतुलित विकास के लिए ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है:
- प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- इन केंद्रों की साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री और फर्नीचर आदि के लिए 2 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण हाट, हेल्थ केयर सेंटर, विद्यार्थियों के लिए खेल के मैदान और विद्यालयों में अतिरिक्त क्लासरूम का निर्माण तेजी से किया जाएगा।
जल संरक्षण और पर्यावरण पर फोकस
मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों के विकास को चार प्रमुख श्रेणियों— जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन और आपदा प्रबंधन— में बांटकर कार्य करने का निर्देश दिया है। भू-जल स्तर को बनाए रखने के लिए नहरों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वृक्षारोपण और जल संचयन के कार्यों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया है।
पारदर्शिता और अधिकारियों की जिम्मेदारी
योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और भ्रष्टाचार रोकने के लिए तकनीक के अधिकाधिक उपयोग और सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की प्रभावी व्यवस्था लागू करने पर बल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जनशिकायतों के त्वरित निवारण के निर्देश दिए हैं और जिलाधिकारियों को इन सभी कार्यों की सतत निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
इस अहम बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एच०आर० श्रीनिवास ने मिशन की कार्य योजना प्रस्तुत की। अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, भवन निर्माण मंत्री श्रीमती लेशी सिंह सहित शिक्षा, कृषि, जल संसाधन और पथ निर्माण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी व सचिव उपस्थित थे।




