उजियारपुर विधायक आलोक कुमार मेहता ने 13 लाख की लागत से बने पुस्तकालय का किया उद्घाटन, शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर सरकार को घेरा
उजियारपुर प्रखंड के लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत के एम आर जनता कॉलेज के कैंपस में एवं वार्ड नंबर-03 में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास नवनिर्मित सार्वजनिक पुस्तकालय, साथ ही रामचंद्रपुर अंधैल पंचायत में नवनिर्मित सार्वजनिक पुस्तकालय का सोमवार, 21 सितंबर 2026 को भव्य उद्घाटन किया गया।

बिहार सरकार की ‘मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना’ के अंतर्गत 13.00 लाख रुपये की अनुमानित लागत से इस पुस्तकालय (टाइल्स फ्लोरिंग के साथ) का निर्माण कराया गया है। इस नवनिर्मित पुस्तकालय का उद्घाटन उजियारपुर विधानसभा के माननीय विधायक श्री आलोक कुमार मेहता के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर विधायक ने राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे और सरकारी नीतियों पर जमकर अपनी बात रखी।

हर पंचायत में पुस्तकालय बनाने का संकल्प
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक आलोक कुमार मेहता ने कहा कि आज समाज के अंतिम पंक्ति और गांव के अंतिम छोर के व्यक्ति में भी शिक्षा प्राप्त करने की भारी ललक है। उन्होंने तेजस्वी प्रसाद यादव के प्रयासों से हुई बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की सराहना की, लेकिन इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में सरकार का ध्यान अभी भी नहीं है।
विधायक ने बताया कि उन्होंने उजियारपुर क्षेत्र की हर पंचायत में एक पुस्तकालय (एजुकेशनल हब) बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत अब तक उनके प्रयासों से 22 पुस्तकालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। नवनिर्मित पुस्तकालय के निर्माण की कार्यकारी एजेंसी स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (कार्य प्रमंडल-2, रोसड़ा) है।
शिक्षा शेरनी का दूध है
बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रसिद्ध विचार को उद्धृत करते हुए मेहता ने कहा, “शिक्षा उस शेरनी का दूध है, जो इसे पीएगा वो दहाड़ेगा”। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं होती, बल्कि यह कानून की समझ, अधिकारों के प्रति जागरूकता और जीवन जीने की शैली को बेहतर बनाने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
पीसीसी सड़कों से ज्यादा स्कूल के कमरों की जरूरत
सरकार की खर्च नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल चुनाव जीतने के लिए चुनाव से ठीक पहले बांटने में किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से अनैतिक है। उन्होंने चुनाव आयोग और भारत के राष्ट्रपति से इस पर संज्ञान लेने की अपील की। विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 500 फीट पीसीसी (PCC) सड़क बनाने से अक्सर जलजमाव की समस्या होती है, इसके बजाय यदि 500-700 फीट में स्कूल का एक कमरा बना दिया जाए, तो उसमें 60 बच्चे अगले 25 सालों तक बैठकर अपना भविष्य संवार सकते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगी एनसीईआरटी (NCERT)
पुस्तकालय की भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए विधायक ने कहा कि जल्द ही यहां बुकशेल्फ, टेबल और 40-45 कुर्सियों की व्यवस्था की जाएगी जिससे बच्चे रात तक यहां बैठकर पढ़ाई कर सकें। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य इन पुस्तकालयों में एनसीईआरटी (NCERT) और अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है ताकि गांव के बच्चे आईएएस, आईपीएस, इंजीनियरिंग, दरोगा और क्लर्क जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पंचायत स्तर पर ही कर सकें।
कार्यक्रम में काजी नसीम अख्तर, राष्ट्रीय जनता दल के प्रखंड अध्यक्ष राम ललित राय, प्रदेश सचिव नंद किशोर महतो सहित कई पूर्व जिला पार्षद, वरिष्ठ नेता और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। अंत में विधायक ने स्थानीय लोगों से इस पुस्तकालय की देखभाल करने की अपील करते हुए इसे ‘जनता जनार्दन’ को समर्पित किया।



