समस्तीपुर: नाबालिग से बदसलूकी का वीडियो वायरल, एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने 6 घंटे में 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
बिहार के समस्तीपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद प्रताप सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लिया और महज 6 घंटे के भीतर घटना में शामिल चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 23 सितंबर 2026 की रात लगभग 10 बजे के बाद पुलिस को सोशल मीडिया गश्त और स्थानीय स्रोतों से एक वीडियो प्राप्त हुआ था। इस वीडियो में 3-4 व्यक्ति एक बच्ची के साथ बदसलूकी और अभद्र व्यवहार कर रहे थे। वीडियो देखने से प्रथम दृष्टया पीड़िता नाबालिग प्रतीत हो रही थी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह घटना कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के अंतर्गत जगतसिंहपुर स्थित बांध के पास से गुजरने वाली एक सड़क की है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह घटना लगभग एक सप्ताह पुरानी (संभवतः 15 सितंबर 2026 की) है। यह वीडियो एक आरोपी के मोबाइल पर ही था, जिसे उसने किसी को भेजा और फिर 23 सितंबर की रात से यह अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने लगा।
एसपी ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आते ही पुलिस टीम अनवरत काम करने लगी। घटनास्थल और आरोपियों की पहचान कर 6 घंटे के भीतर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम निम्नलिखित हैं – विकास कुमार (पिता – रामसुंदर शर्मा, निवासी – जगतसिंहपुर), राहुल कुमार (पिता – अरुण पासवान, निवासी – जगतसिंहपुर), रामबाबू सहनी (पिता – महेश्वर सहनी, निवासी – जगतसिंहपुर), अवधेश पासवान (पिता – नेवालाल पासवान, निवासी – बिजौलिया)
गिरफ्तार आरोपियों में से विकास कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है; वह पूर्व में शराब से जुड़े मामलों में दो बार जेल जा चुका है। सभी गिरफ्तार आरोपी बालिग हैं। चूंकि घटना के समय तक पीड़िता की पहचान स्थापित नहीं हो पाई थी और मामला अति संवेदनशील था, इसलिए पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एक पुलिस पदाधिकारी के बयान पर ही कर्पूरीग्राम थाने में प्राथमिकी (कांड संख्या 117/26) दर्ज की है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो (POCSO) एक्ट और आईटी (IT) एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 17 और 18 (दुष्प्रेरण) भी लगाई गई है, ताकि अगर भविष्य में जांच के दौरान यह पता चले कि किसी और ने इस घटना के लिए उकसाया था, तो उस पर भी कार्रवाई की जा सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी ने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत यह एक संज्ञेय अपराध है। आम लोग ऐसे संवेदनशील वीडियो, पोस्ट या कंटेंट को शेयर करने से बचें क्योंकि इससे पीड़िता की पहचान उजागर होती है और भविष्य में उसे मानसिक या सामाजिक आघात का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि समाज के सुधी जनों को ऐसी कुंठित मानसिकता वाले लोगों का बहिष्कार करना चाहिए। एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी को भी ऐसी किसी घटना की जानकारी मिलती है या कोई वीडियो सामने आता है, तो वे उसे वायरल करने के बजाय तुरंत 112 डायल करें या स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस इस मामले में आगे की जांच और अन्य संदिग्धों (जैसे वीडियो में दिख रहे बाइक सवार) का सत्यापन कर रही है।



