समस्तीपुर: विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, 1.20 लाख रुपये रिश्वत लेते मुखिया रंगे हाथ गिरफ्तार, पंचायत सचिव फरार
समस्तीपुर / दलसिंहसराय: बिहार के समस्तीपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग (Vigilance Department) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले के दलसिंहसराय अनुमंडल स्थित चकबहुद्दीन पंचायत के मुखिया सिया राम राय को निगरानी की टीम ने 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम कागजी कार्रवाई पूरी कर आरोपी मुखिया को अपने साथ मुजफ्फरपुर लेकर रवाना हो गई। वहीं, इस मामले में शामिल पंचायत सचिव मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश की जा रही है।

झूठे मुकदमे से बरी होने के बाद निलंबन वापसी के लिए मांगे थे पैसे
जानकारी के अनुसार, पीड़ित अब्दुल मन्नान चकबहुद्दीन के मोहन वार्ड-7 स्थित प्राइमरी स्कूल में पंचायत शिक्षक के पद पर पदस्थापित थे। साल 2024 में शिक्षक पर एसटी-एससी और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद मुखिया सिया राम राय ने उन्हें उनके पद से निलंबित कर दिया था।
शिक्षक अब्दुल मन्नान का कहना है कि उन्हें एक साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया था। 26 अक्टूबर 2025 को कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से दोषमुक्त करार दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने मुखिया को शिक्षक का निलंबन वापस लेने का निर्देश भी दिया था।
5 लाख रुपये की थी डिमांड, पंचायत सचिव ने भी मांगा था हिस्सा
कोर्ट के आदेश के बाद जब पीड़ित शिक्षक ने निलंबन वापस लेने के लिए मुखिया सिया राम राय के पास आवेदन किया, तो मुखिया द्वारा उनसे 5 लाख रुपये की मोटी रकम बतौर रिश्वत मांगी जाने लगी। इसके अलावा पंचायत सचिव अजीत कुमार ने भी पैसों की डिमांड की। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीड़ित शिक्षक ने इस प्रताड़ना से तंग आकर निगरानी विभाग की शरण ली और न्याय की गुहार लगाई।
गुदरी रोड पर बिछाया गया जाल, रंगे हाथ धराया मुखिया
निगरानी के डीएसपी अमरेंद्र प्रसाद विद्यार्थी ने बताया कि शिक्षक अब्दुल मन्नान की शिकायत के बाद मामले का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद योजना के तहत एक ट्रैप (जाल) बिछाया गया।
तय योजना के अनुसार, शिक्षक ने दलसिंहसराय के गुदरी रोड स्थित एक प्रतिष्ठान पर मुखिया को बुलाया। यहां मुखिया के लिए 1.20 लाख रुपये और पंचायत सचिव के लिए 20 हजार रुपये रखे गए थे। जैसे ही मुखिया सिया राम राय ने 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाए निगरानी की टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया।
हालांकि, इस छापेमारी की भनक लगते ही पंचायत सचिव अजीत कुमार मौके से फरार हो गया। निगरानी विभाग की टीम फिलहाल फरार पंचायत सचिव की सरगर्मी से तलाश कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।



